खरगोनमध्यप्रदेश

पीजी कॉलेज में गुरु पूर्णिमा पर हुआ गुरु सम्मान कार्यक्रम का आयोजन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का लाइव कार्यक्रम महाविद्यालय में हुआ प्रसारित

पीजी कॉलेज में गुरु पूर्णिमा पर हुआ गुरु सम्मान कार्यक्रम का आयोजन

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का लाइव कार्यक्रम महाविद्यालय में प्रसारित हुआ

 

📝 खरगोन – गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर 11 जुलाई को प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, क्रांति सूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय एवं विधि महाविद्यालय खरगोन के संयुक्त तत्वावधान में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के अंतर्गत एक भव्य गुरु सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की वंदना के साथ हुआ, जिसके पश्चात अतिथियों का पारंपरिक रूप से शॉल एवं श्रीफल भेंट कर अभिनंदन किया गया।

 

समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. आर.एस. देवड़ा (सेवानिवृत्त प्राध्यापक, अर्थशास्त्र) ने अपने वक्तव्य में कहा कि गुरु ही वह प्रकाश हैं जो अज्ञान के अंधकार को चीरकर जीवन को दिशा देते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री नहीं, चरित्र निर्माण होना चाहिए। वहीं प्रो. सीएल डूलकर (सेवानिवृत्त प्राध्यापक, वनस्पतिशास्त्र) ने कहा कि गुरु केवल विषय ज्ञान का माध्यम नहीं, अपितु जीवन के संस्कारों के संवाहक होते हैं। उन्होंने वर्तमान शिक्षा पद्धति में मानवीय मूल्यों को पुनः स्थान देने की आवश्यकता पर बल दिया। डॉ. पारसमणि गुप्ता (सेवानिवृत्त प्राध्यापक, हिंदी) ने भारतीय संस्कृति में गुरु के अद्वितीय स्थान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु का स्थान सृष्टिकर्ता से भी ऊपर होता है। उन्होंने बताया कि साहित्य और संस्कृति के संरक्षण में गुरु की भूमिका अमूल्य होती है।

 

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. जी.एस. चौहान ने की। उन्होंने संस्था की ओर से सभी गुरुओं को नमन करते हुए युवाओं से अपने शिक्षकों के प्रति श्रद्धा और अनुशासन बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ज्ञान तभी सार्थक होता है जब उसमें संस्कारों की छाया हो। इस अवसर पर डॉ. रविंद्र बर्वे ने कहा कि गुरु केवल शिक्षण तक सीमित नहीं हैं, वे चरित्र निर्माण के मुख्य शिल्पकार होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने जीवन में गुरु द्वारा दिए गए मार्गदर्शन को आत्मसात करें।

 

भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. गणेश पाटिल ने प्रकोष्ठ की भूमिका और उद्देश्यों से विद्यार्थियों को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि यह प्रकोष्ठ भारतीय सांस्कृतिक विरासत, गुरु‑शिष्य परंपरा, शास्त्रीय ज्ञान और मूल्यों के प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भी अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। कविता पाठ प्रतियोगिता में गौरी सोनी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि भाषण प्रतियोगिता में गौतम भालसे ने उत्कृष्ट प्रस्तुति देते हुए प्रथम स्थान हासिल किया।

 

भोपाल स्थित कमला नेहरू सांदीपनि कन्या विद्यालय से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में प्रारंभ हुए दो दिवसीय राज्यस्तरीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव का सीधा प्रसारण भी महाविद्यालय में दिखाया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा विद्यार्थियों को निःशुल्क साइकिल वितरण की योजना की शुरुआत की गई, जिससे लाखों छात्र-छात्राओं को लाभ मिलने वाला है।

 

कार्यक्रम का संयोजन डॉ. गायत्री चौहान ने कुशलतापूर्वक निभाया, संचालन डॉ. रमेश चौहान द्वारा किया गया और आभार प्रदर्शन डॉ. वंदना बर्वे ने किया। समग्र रूप से यह आयोजन गुरु के प्रति श्रद्धा, भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रति सम्मान और युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का सशक्त मंच बनकर सामने आया। कार्यक्रम में महाविद्यालय का समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन हिंदी विभाग एवं भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ द्वारा किया गया।

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