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गौ-सेवा की अनूठी मिसाल: जड़वासा में गौ माता की गाजे-बाजे के साथ निकली अंतिम यात्रा, ग्रामीणों ने नम आंखों से दी विदाई

ढोढर/पिपलोदा

पिपलोदा तहसील के ग्राम जड़वासा में आज आस्था और जीव-दया का एक अनूठा उदाहरण देखने को मिला। यहाँ एक परिवार ने अपनी पालतू गौ माता की मृत्यु के पश्चात उन्हें एक परिजन की भांति विदाई दी। जड़वासा निवासी नाना सेठ आंजना के परिवार ने वर्षों तक गौ माता की निस्वार्थ सेवा करने के बाद, उनके देहावसान पर पूरे विधि-विधान और सम्मान के साथ अंतिम यात्रा निकाली।
फूलों से सजे रथ पर निकली विदाई यात्रा
गौ माता की अंतिम यात्रा के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली को फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था। डीजे की धुन और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ निकाली गई इस शोभायात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। नगर भ्रमण के दौरान गांव के विभिन्न चौराहों पर पुष्प वर्षा कर गौ माता का स्वागत किया गया।
ग्रामीणों ने किए अंतिम दर्शन
यात्रा के दौरान गांव की महिलाओं और पुरुषों ने भावुक होकर गौ माता के दर्शन किए और पुष्प मालाएं अर्पित कर नमन किया। कई वर्षों से परिवार का हिस्सा रही गौ माता के प्रति ग्रामीणों में गहरा सम्मान देखा गया।
खेत पर दी गई भू-समाधि
नगर भ्रमण के पश्चात अंतिम यात्रा नाना सेठ के निजी खेत पर पहुँची, जहाँ जेसीबी की मदद से पूर्ण सम्मान के साथ गौ माता को समाधि दी गई।

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