
एडिटर/संपादक/तनीश गुप्ता,खण्डवा
*नवचंडी मेला उत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भव्य प्रस्तुति*
*वृंदावन, इंदौर और उज्जैन के कलाकारों ने मोहा मन*
खण्डवा// दिनांक 05 अप्रैल 2025 को नवचंडी मेला उत्सव के अंतर्गत विशाल सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन परंपरागत उत्साह एवं गरिमा के साथ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया, जिसमें अतिथियों एवं आयोजकों ने कलाकारों का सम्मान कर उनका स्वागत किया।
*शास्त्रीय लोक संगीत की प्रस्तुतियाँ बनीं आकर्षण का केंद्र*
कार्यक्रम की शुरुआत वृंदावन से पधारी कथक एवं लोकगायिका आस्था गोस्वामी एवं उनके समूह की शास्त्रीय लोक संगीत प्रस्तुति से हुई। उन्होंने “मेरो फूल गुलाब को”, “चाकर करे पुकार” तथा नवचंडी माता के भक्ति गीतों की ऐसी स्वर-लहरियाँ प्रस्तुत कीं कि दर्शक मंत्रमुग्ध हो उठे। यह प्रस्तुति न केवल मनोरंजन से भरपूर रही, बल्कि संगीत-प्रेमियों के लिए एक प्रेरणास्पद अनुभव भी सिद्ध हुई।
*उज्जैन की स्वाति उखेले द्वारा मटकी नृत्य की अद्भुत प्रस्तुति*
दूसरी प्रस्तुति उज्जैन की श्रीमती स्वाति उखेले एवं उनके समूह द्वारा महिला प्रधान मटकी नृत्य रही। इस नृत्य में महिलाओं ने मटकी पर चढ़कर ढोलक की थाप पर अद्भुत संतुलन के साथ नृत्य किया। श्रीमती उखेले के नेतृत्व में कलाकारों ने पारंपरिक लोक नृत्य की जीवंतता को दर्शाया, जिससे दर्शकगण आश्चर्यचकित रह गए और तालियों की गड़गड़ाहट से मंच गूंज उठा।
*निषादराज नाट्य प्रस्तुति ने बाँधा समापन पर समां*
अंतिम एवं सबसे लंबे समय तक चलने वाली प्रस्तुति निषादराज के जीवन पर आधारित नाट्य रही। यह नाट्य प्रस्तुति ऐतिहासिकता, भावनात्मक गहराई एवं सांस्कृतिक मूल्यों से परिपूर्ण रही। कलाकारों ने अपने जीवंत अभिनय से मंच को जीवंत कर दिया और दर्शकों के हृदयों में अमिट छाप छोड़ी।
*सांस्कृतिक विरासत का प्रभावशाली प्रदर्शन*
नवचंडी मेला उत्सव में आज के सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने यह सिद्ध किया कि हमारी लोककलाएं आज भी जनमानस के हृदय में जीवंत हैं। आयोजन में जनसामान्य की भारी उपस्थिति रही और सभी ने कला, संगीत व नाट्य की विविध विधाओं का भरपूर आनंद लिया।