चौपारण। प्रखंड मुख्यालय चौपारण इन दिनों सड़क जाम, धूल-गर्दा, कीचड़, बदहाल नाली, बिजली कटौती और स्वास्थ्य व्यवस्था की कमी जैसी कई गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। लगातार बढ़ती परेशानियों के बीच आम लोगों में जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
जीटी रोड की बदहाल स्थिति सबसे बड़ी परेशानी बनी हुई है। सड़क पर जगह-जगह जाम लगने के साथ निर्माण कार्य और नाली के कारण आवागमन प्रभावित है। बारिश में सड़क किनारे कीचड़ और पानी जमा हो जाता है, जबकि धूप निकलते ही वाहनों के आवागमन से धूल-गर्दा का गुबार उड़ता है। इससे दुकानदारों और राहगीरों को काफी परेशानी होती है।
इधर, बिजली की आंख-मिचौली ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर घंटे लोड सेटिंग के नाम पर बिजली काटी जा रही है। लगातार बिजली कटौती से व्यवसाय, घरेलू कामकाज और छोटे कारोबार प्रभावित हो रहे हैं।
स्वास्थ्य व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। चौपारण अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को समुचित चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है। गंभीर मरीजों और जरूरतमंदों को बेहतर इलाज के लिए बाहर रेफर करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सकों की व्यवस्था होना बेहद जरूरी है।
एक ओर सड़क, बिजली और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं का संकट है, वहीं दूसरी ओर जनता सवाल कर रही है कि इन समस्याओं को लेकर आवाज उठाने वाला कौन है। लोगों में चर्चा है कि चौपारण को रहनुमा की जरूरत है, लेकिन यहां समस्याओं के समय जिम्मेदारी उठाने वालों की कमी साफ दिखाई देती है।चौपारण की जनता ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सभी समस्या को लेकर स्थायी समाधान की मांग की है।













