खंडवा में खाद घोटाला,पेयजल संकट और भर्ती विवाद पर उठे सवाल
मुख्यमंत्री से शिकायत, उच्चस्तरीय जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग
समस्याओं को लेकर कांग्रेस ने कलेक्टर को कार्यवाही हेतु दिया ज्ञापन
खंडवा।
जिले में एक के बाद एक सामने आ रही गंभीर प्रशासनिक लापरवाहियों और अनियमितताओं ने आमजन की चिंता बढ़ा दी है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में हुए खाद घोटाले, किल्लौद ब्लॉक में फ्लोराइड युक्त पेयजल से उत्पन्न स्वास्थ्य संकट तथा सोसायटी प्रबंधक भर्ती में कथित अनियमितताओं को लेकर मंगलवार को मुख्यमंत्री को जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन भेजकर निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
खाद घोटाले में अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, खंडवा में खाद वितरण से जुड़े गंभीर घोटाले का मामला सामने आया है। आरोप है कि कर्मचारियों एवं अधिकारियों की मिलीभगत से किसानों के लिए निर्धारित खाद को खुले बाजार में बेच दिया गया, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। किसानों को खाद के लिए लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है, जबकि अब तक केवल एक आउटसोर्स कर्मचारी पर ही एफआईआर दर्ज की गई है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि बिना जिला विपणन अधिकारी एवं अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की संलिप्तता के इतना बड़ा घोटाला संभव नहीं है, फिर भी उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं होना संदेह पैदा करता है।
“किल्लौद ब्लॉक में फ्लोराइड युक्त पानी से जनस्वास्थ्य संकट”
खंडवा जिले के किल्लौद विकासखंड के कई ग्रामों में पेयजल स्त्रोतों में मानक से अधिक फ्लोराइड पाए जाने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग फ्लोरोसिस, दांतों की खराबी और हड्डियों से संबंधित बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं।
बच्चों के शारीरिक विकास पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। मांग की गई है कि सभी पेयजल स्त्रोतों की तत्काल जांच कराई जाए, फ्लोराइड मुक्त पानी की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए तथा प्रभावित नागरिकों के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए जाएं।
“सोसायटी प्रबंधक भर्ती में भारी अनियमितता के आरोप”
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में सोसायटी प्रबंधक की सीधी भर्ती प्रक्रिया भी विवादों में है। जानकारी के अनुसार 92 आवेदकों में से केवल 10 को ही पात्र घोषित किया गया, जबकि वर्ष 2023 में इसी प्रकार की भर्ती में 56 कर्मचारी पात्र पाए गए थे।
योग्य कर्मचारियों को अपात्र घोषित किए जाने से चयन समिति और बैंक प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सेवा नियमों के उल्लंघन और मनमानी प्रक्रिया का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
मुख्यमंत्री से की गई त्वरित कार्रवाई की मांग
तीनों ही मामलों को गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री से उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच, दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने, फ्लोराइड प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत तथा भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
साथ ही कलेक्टर खंडवा को भी प्रतिलिपि भेजकर शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा जताई गई है।
उक्त मामलों को लेकर मंगलवार को जिला कांग्रेस अध्यक्ष (ग्रामीण) उत्तमपाल सिंह एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष (शहर) प्रतिभा रघुवंशी ने जिला कलेक्टर ऋषव गुप्ता से चर्चा का क्षेत्रवासियों को होने वाली समस्यायों से अवगत कराया और मांग की गई उपरोक्त मामलों को संज्ञान में लेकर समस्या का निराकरण करवाया जाए। जिला कलेक्टर ने तुरंत किल्लोद ब्लॉक में पीएचई विभाग की टीम सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम को निर्देशित किया कि वहां पर पहुंचकर समस्या का निराकरण करें एवं स्वास्थ्य विभाग को स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाने के निर्देश भी दिए। एवं फ्लोराइड पानी के पीने से होने वाले नुकसान को लेकर उपयोगी दवाई भी निःशुल्क उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रवक्ता प्रेमांशु जैन ल,अक्षत अग्रवाल भी उपस्थित थे।










