
*ग्राम बोरगांव बुजुर्ग मे श्रीमद् भागवत पुराण का शुभारंभ*
खण्डवा//
ग्राम बोरगांव बुजुर्ग में श्रीमद् भागवत पुराण का शुभारंभ हुआ। निमाड़ माटी की गौरव सुश्री दीदी चेतना भारती जी की सुमधुर वाणी में कथा का रसास्वादन समस्त भक्तगण कर रहे है। कथा का आयोजन समस्त ग्रामवासियों के द्वारा किया गया है। विशाल शोभायात्रा ग्राम के मुख्य मार्ग से गुजरकर भव्य कथा पंडाल में पहुंची। दीदीश्री ने कथा के प्रथम दिवस में कहा की माया की मार तो हर प्राणी खा रहा है और स्वयं को अशांति, कष्ट, अधोगति में पहुंचा रहा है जिन्हे काम क्रोध रूपी सर्प दिन रात सर्प करते है तथा रस्सी में सर्प प्रतीत होने वाले क्षणभंगुर सांसारिक सुखों और झूठे जगजंजाल को ही सत्य मानकर रिक्त हाथो से संसार छोड़ते है और पुन: पुन: संसार के बंधन में अलग अलग कष्ट प्रद योनियो में जन्म लेकर दुख भोगते रहते है। परंतु कबीर, मीराबाई, ध्रुव, प्रहलाद जैसे कोई विरला महापुरुष ही होते है जो क्षुद्र को त्यागकर विराट का आलिंगन करते है, आकाश में ऐसी ध्वजा लहरा जाते है जो युग युगांतर तक सबको ऐसी प्रेरणा देते रहते है की सांसारिक ऐश्वर्य प्राप्त करने के अलावा भी कुछ है जहा यात्रा पूर्ण होती है, जिसे पाकर कुछ भी अनपाया नही रह जाता। ग्रन्थ का उपदेश ही यह है कि जीव का परम लक्ष्य ही ईश्वर प्राप्ति है, स्वयं के स्वरूप को पहचानना है। कथा के प्रथम दिवस में ही बड़ी संख्या में श्रोता गण उपस्थित रहे। धुंधकारी प्रेत के उद्धार का प्रसंग सुनाते हुए दीदीश्री ने कहा कि आत्महत्या जीव को अधोगति की और लेकर जाती है। जीवन बहुमूल्य है परमात्मा के द्वारा अकारण दिया हुआ कृपा प्रसाद है इसे यूं ही व्यर्थ नहीं गवाना चाहिए और जीवन रहते भगवत्प्राप्ति कर लेना चाहिए।










