
झाबुआ, 12 नवम्बर 2025।
दिलीपसिंह भूरिया शासकीय आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय झाबुआ में उच्च शिक्षा विभाग एवं मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार प्राचार्य प्रो. पी. के. उछावर के मार्गदर्शन में भगवान बिरसा मुंडा जयंती के अवसर पर 1 से 15 नवम्बर तक विविध आयोजन किए जा रहे हैं।
इसी श्रृंखला में आज भगवान बिरसा मुंडा के जीवन एवं व्यक्तित्व पर व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रो. पी. के. उछावर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि धरती आबा के नाम से प्रसिद्ध भगवान बिरसा मुंडा ने आदिवासी समाज के लिए अंग्रेज़ों से जल, जंगल और ज़मीन की रक्षा हेतु संघर्ष किया और मात्र 25 वर्ष की आयु में शहादत देकर अमर हो गए। उन्होंने विद्यार्थियों से उनके जीवन से प्रेरणा लेकर देशभक्ति की भावना को जागृत करने का आह्वान किया।
प्रशासनिक अधिकारी डॉ. दिलीप कुमार परसेडिया ने विद्यार्थियों को शिक्षित एवं सचेत रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने शोषण और अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाकर समाज को जागरूक किया, हमें भी उनके आदर्शों पर चलकर अपने अधिकारों को जानना चाहिए।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. धूल सिंह खरत उपस्थित रहे। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा के जीवन, कार्य एवं जनजातीय गौरव दिवस के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला और बताया कि किस प्रकार उन्होंने युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत के रूप में कार्य किया।
कार्यक्रम में प्रो. मुकेश बघेल, प्रो. प्रगति मिमरोट, प्रो. मुकेश सूर्यवंशी, डॉ. वंदना पारकर, प्रो. भारती जमरा, डॉ. कीर्ति सिंगोरिया, प्रो. केशर सिंह ठाकुर, श्री कोमल बारिया, श्री राजेश पाल, प्रो. जीतेन्द्र कुमार नायक, प्रो. मध्यप्रदेश सिंह, डॉ. अंतिमबाला डावर, डॉ. योगेश जायसवाल सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. शर्मा बघेल ने किया एवं आभार प्रदर्शन डॉ. पूजा बघेल ने किया।












