*“बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” अभियान के तहत अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस पर बेटियों को मिली नई प्रेरणा*
*सुन्दरबाई गुप्ता हायर सेकेंडरी स्कूल खंडवा में “बाल कल्याण समिति खंडवा” की प्रमुख भूमिका में हुआ सार्थक आयोजन*
खंडवा।। महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला खंडवा द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस का प्रेरणादायक आयोजन सुन्दरबाई गुप्ता हायर सेकेंडरी स्कूल के ऑडिटोरियम हॉल में किया गया।
इस आयोजन में बाल कल्याण समिति खंडवा की सक्रिय भूमिका रही। समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि समिति के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा, सदस्य स्वप्निल जैन, कविता पटेल एवं रूचि पाटिल ने बालिकाओं को सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण के विविध पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्य वंदना तिवारी ने की। विशेष उपस्थिति विशेष किशोर पुलिस इकाई प्रभारी सुनीता जोसफ एवं एसआई वासुदेव जाट की रही।बाल कल्याण समिति खंडवा ने दिया सुरक्षा और संवाद का संदेश समिति अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने कहा — “डिजिटल युग में मोबाइल का अत्यधिक उपयोग और अभिभावकों से संवाद की कमी आज बच्चों के लिए बड़ी चुनौती बन रही है। बाल कल्याण समिति ऐसे मामलों में भावनात्मक काउंसलिंग और संरक्षण की दिशा में सतत कार्य कर रही है।” उन्होंने बताया कि समिति द्वारा चलाए जा रहे स्पॉन्सरशिप एवं पुनर्वास योजनाएँ बालिकाओं के सुरक्षित भविष्य के लिए प्रभावी कदम हैं। बाल कल्याण समिति सदस्यो ने बढ़ाया आत्मविश्वास
कविता पटेल (समिति सदस्य) ने कहा — “किशोरावस्था में होने वाले मानसिक व शारीरिक परिवर्तनों को समझना जरूरी है। आपकी समस्याएँ आपकी कमजोरी नहीं, बल्कि संवाद का अवसर हैं
माता-पिता, शिक्षक और समिति सभी आपके काउंसलर हैं।” स्वप्निल जैन (समिति सदस्य) ने बालिकाओं से आत्मरक्षा और शिक्षा पर चर्चा करते हुए कहा —“18 वर्ष से कम उम्र में विवाह न करें और किसी को ऐसा करने न दें। अपनी प्रतिभा और सपनों को पूरा करें — यही सच्चा सशक्तिकरण है।”
उन्होंने अपनी प्रेरणादायक कविता से बालिकाओं में नई ऊर्जा भरी —“रजकण को छुए बिना, कंचन किसे मिला है…
काँटों में घुमे बिना चमन किसे मिला है…
अपनी सुरक्षा को साथ रखो, यही जीवन की सच्ची जीत है।”
*समिति के सहयोग से मिली कानूनी जागरूकता*
समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि बाल कल्याण समिति के समन्वय से कार्यक्रम में POCSO Act, 1098 बाल हेल्पलाइन, 181 महिला हेल्पलाइन, 112 आपातकालीन नंबर और 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन की जानकारी भी दी गई। विशेष किशोर पुलिस इकाई प्रभारी सुनीता जोसफ ने कहा — “बाल कल्याण समिति और विशेष किशोर पुलिस इकाई 24 घंटे बालिकाओं की सुरक्षा के लिए तत्पर हैं।”
एसआई वासुदेव जाट ने साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए और बालिकाओं को जागरूक रहने की सलाह दी। बाल कल्याण समिति की पहल से बालिकाओं को मिला आत्मविश्वास
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय की प्राचार्य वंदना तिवारी ने कहा — “बाल कल्याण समिति द्वारा दी गई प्रेरणादायक जानकारियाँ प्रत्येक बालिका के लिए उपयोगी हैं। आप अपने स्वर्णिम समय का सदुपयोग करें और आत्मनिर्भर बनें।” आभार प्रदर्शन शीतल शर्मा, द्वारा किया गया। कार्यक्रम में 200 से अधिक बालिकाएँ, शिक्षकगण एवं अधिकारी उपस्थित रहे।












