
एडिटर/संपादक-तनीश गुप्ता
खण्डवा ।। भाग्योदय भवन में भाई दूज का पर्व उत्साह के साथ मनाया गया, ब्रह्माकुमारी शक्ति दीदी ने भाई दूज के आध्यात्मिक रहस्य को बताते हुए कहा कि वास्तव में मस्तक या दोनों भौहों के भुकुटी का मध्य स्थल मनुष्य का वह स्थान जहां आत्मा निवास करती है वह याद दिलाता है कि आपकी आत्मा इस दो भृकुटी के बीच निवास करती है इसी स्थान पर बहने अपने भाइयों को विजय का सफलता का तिलक लगाती है भाई दूज पर्व मधुर रिश्तो को प्यार को स्नेह को बढ़ाने का संदेश देता है इस अवसर पर भाई अपनी बहनों के हाथ से तिलक लगाकर उनकी रक्षा का संकल्प लेते हैं यह त्यौहार रक्षाबंधन के भाती भाई बहन के आपसी मधुर स्नेह का प्रतीक है, समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि भाई दूज के इस कार्यक्रम में सभी भाई बहनों ने संकल्प लिया कि हम अपने आप को आत्मा समझकर सभी को आत्मिक नजर से देखेंगे हम एक पिता परमात्मा के बच्चे हैं इसलिए सभी को पवित्र नजर से देखेंगे सब के प्रति अच्छा सोचेंगे भाईचारे का संबंध रखेंगे जिस प्रकार परमात्मा के अंदर जो गुण है वह हमारा पिता है उनके गुण हम भी धारण करेंगे।











