
ओंकारेश्वर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, घाटों पर स्थायी गोताखोर व सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग
खंडवा/
तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में नर्मदा के विभिन्न घाटों पर लगातार हो रही डूबने की घटनाओं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला कांग्रेस अध्यक्ष (ग्रामीण) उत्तमपाल सिंह ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुचकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह ने कलेक्टर ऋषव गुप्ता को ज्ञापन सौंपकर घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की। इस दौरान जिला कांग्रेस प्रवक्ता प्रेमांशु जैन भी मौजूद रहे।
ज्ञापन में कांग्रेस ने बताया कि प्रशासनिक आंकड़ों एवं हालिया घटनाओं के अनुसार पिछले 18 महीनों में ओंकारेश्वर के विभिन्न घाटों पर डूबने से 44 श्रद्धालुओं की असामयिक मृत्यु हो चुकी है। इनमें अकेले अगस्त 2026 में ही तीन श्रद्धालुओं की जान जा चुकी है। वहीं, ब्रह्मपुरी घाट को विशेष रूप से संवेदनशील बताते हुए कांग्रेस ने कहा कि यहां पिछले 18 माह में सर्वाधिक 17 श्रद्धालुओं की डूबने से मौत हुई है। इसके अलावा नागर घाट, कोठी चक्रतीर्थ घाट, अभय घाट, संगम घाट और गोमुख घाट पर भी हादसे होने की बात कही गई है।
कांग्रेस अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह ने कहा कि ओंकारेश्वर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा के लिए घाटों पर पर्याप्त संसाधन और सुरक्षा बल उपलब्ध नहीं हैं। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि प्रमुख घाटों पर वर्तमान में सुरक्षा व्यवस्था अपर्याप्त है और इसे तत्काल मजबूत किए जाने की आवश्यकता है।
“ये मांगें रखीं”
ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने ब्रह्मपुरी घाट सहित सभी गहरे और तेज बहाव वाले संवेदनशील क्षेत्रों को रेड जोन घोषित कर चेतावनी बोर्ड लगाने, श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए मजबूत एवं ऊंची रेलिंग/जंजीरों की व्यवस्था करने की मांग की।
इसके साथ ही सभी प्रमुख घाटों पर प्रशिक्षित गोताखोर, जल पुलिस और एसडीआरएफ के जवानों की 24 घंटे स्थायी तैनाती, लाइफ जैकेट, लाइफ रिंग और आधुनिक निगरानी तकनीक का अनिवार्य उपयोग तथा ओंकारेश्वर सिविल अस्पताल में डूबने एवं अन्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन और जीवन रक्षक उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की गई।
कांग्रेस ने सिंहस्थ-2028 के विकास कार्यों के साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा को भी प्राथमिकता देते हुए इसके लिए पर्याप्त बजट आवंटित करने की मांग की। उत्तमपाल सिंह ने कहा कि प्रशासन इस गंभीर मानवीय विषय पर तत्काल प्रभाव से ठोस कदम उठाए, ताकि भविष्य में किसी निर्दोष श्रद्धालु की जान न जाए।
उत्तमपाल सिंह ने कहा कि जब ऐसी( डूबने की )घटना सुनने में आती है तो मन दुखी भी होता है और कहीं न कहीं मध्य प्रदेश का नाम भी खराब हो रहा है। मैं इस मुद्दों को लेकर मैंने कलेक्टर महोदय को चिट्ठी भी लिखी है, हमारी यह मांग है कि जो-जो भी एरिया हैं, जहाँ पर सबसे ज्यादा श्रद्धालु डूब रहे हैं, उसको रेड ज़ोन घोषित किया जाए और वहाँ पर होमगार्ड या गोताखोर या तमाम ऐसे अलग से व्यवस्था की जाए।
श्री सिंह ने कहा कि क्योंकि सिंहस्थ आने वाला है, सिंहस्थ के पहले अगर यह हाल है, तो सिंहस्थ में तो लाखों करोड़ों की संख्या में लोग आएंगे और उस परिस्थिति में अगर हमने अगर व्यवस्थाएं वहाँ नहीं की, तो कहीं न कहीं ओंकारेश्वर, मध्य प्रदेश का नाम खराब होगा। और सबसे बड़ी बात है कि प्रशासन को ज़िम्मेदारी लेते हुए वहाँ पर जब करोड़ों के काम हम कर रहे हैं, तो यहाँ पर भी आज आधुनिक समय हो गया है और टेक्नोलॉजी और तमाम चीजें इतनी हो गई हैं कि जहाँ पर ऐसी घटनाएं हो रही हैं वहाँ पर नए मानदंड के हिसाब से नई चीजें या तो रेलिंग या जालियां… हरिद्वार में जालियां लगती हैं और ऐसे बहुत से प्रोविजन हैं।











