
बाल सुरक्षा को मिली नई मजबूती।
एक दिवसीय पॉक्सो सपोर्ट पर्सन कार्यशाला हुई आयोजीत, उत्कृष्ट कर्मचारियों का हुआ सम्मान।
खंडवा। बाल संरक्षण को मजबूत करने की दिशा में जिले में एक सार्थक पहल देखने को मिली। न्यायपीठ, बाल कल्याण समिति खंडवा एवं महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जनपद पंचायत सभागृह में एक दिवसीय पॉक्सो सपोर्ट पर्सन प्रशिक्षण/कार्यशाला आयोजित की गई, समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि आयोजीत कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, विशेषज्ञों और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
मुख्य अतिथि जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्रीमती रत्ना शर्मा ने उद्घाटन उद्बोधन में कहा कि पॉक्सो प्रकरणों में संवेदनशीलता, त्वरित कार्रवाई और समन्वय अत्यंत आवश्यक है। अध्यक्षता करते हुए बाल कल्याण समिति खंडवा के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने प्रशिक्षण को क्षमता विकास का प्रभावी माध्यम बताते हुए कहा कि इससे पीड़ित बच्चों को बेहतर सहयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।
प्रशिक्षण सत्र में एडीपीओ श्री हरिप्रसाद बांके ने पॉक्सो अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर जानकारी दी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के रिसोर्स पर्सन गणेश कानडे ने विभिन्न संस्थाओं के बीच समन्वय को महत्वपूर्ण बताते हुए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया। किशोर न्याय बोर्ड सदस्य पन्ना गुप्ता ने बाल कल्याण समिति की भूमिका स्पष्ट की, वहीं पूर्व अध्यक्ष विजय सनावा ने सपोर्ट पर्सन के दायित्वों की जानकारी दी। महिला थाना प्रभारी सुलोचना गहलोत ने जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। सुनील जैन ने बताया कि बाल मनोविज्ञान विषय पर डॉ. संजय इंगले ने काउंसलिंग के दौरान बच्चों की मनोवैज्ञानिक स्थिति को समझने और विश्वास का वातावरण बनाने पर जोर दिया।कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, बाल संरक्षण से जुड़े कार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ श्री अजय कुमार गुप्ता सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास तथा बाल कल्याण समिति के सदस्य मोहन मालवीय, रुचि पाटिल, स्वप्निल जैन एवं कविता पटेल भी उपस्थित रहे। संचालन शीतल शर्मा ने किया।उत्कृष्ट कार्य पर सम्मान कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। इसमें टीका सिंह बिल्लौरे, पुष्पेंद्र सिंह मंडलोई, धर्मेंद्र चौहान, शीतल शर्मा, परियोजना अधिकारी रूपसिंह सिसोदिया, अर्चना गंगराड़े, खालिदा सैय्यद, मनीषा मिश्रा एवं अमर सिंह को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए ऐसे आयोजनों की निरंतरता पर जोर दिया।











