
सृजन किशोर आत्मरक्षा एवं व्यक्तित्व विकास शिविर का हुआ शुभारंभ

मध्य प्रदेश पुलिस एवं उदय सामाजिक विकास संस्था की संयुक्त सामुदायिक पुलिसिंग कि पहल
खंडवा, 05 जून 2026।
मध्य प्रदेश पुलिस, जिला खंडवा एवं उदय सामाजिक विकास संस्था के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम खेड़ी में “सृजन किशोर आत्मरक्षा एवं व्यक्तित्व विकास प्रशिक्षण शिविर” का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में कुल 305 बालक-बालिकाओं एवं समुदाय के सदस्यों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक श्री अगम जैन द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर एसडीओपी श्री लोकेंद्र सिंह ठाकुर, डीएसपी श्री अनिल कुमार चौहान, महिला थाना प्रभारी, थाना प्रभारी हरसूद, समस्त प्रशिक्षक, बाल कल्याण समिति सदस्य, उपसरपंच, पंचायत सदस्य एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
यह पहल किशोर-किशोरियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, आत्मरक्षा कौशल एवं सामाजिक जागरूकता विकसित करने, सृजन कार्यक्रम के उद्देश्य, संचालन प्रक्रिया तथा इसके सकारात्मक प्रभावों की विस्तृत जानकारी साझा की गई ।
पुलिस अधीक्षक श्री अगम जैन ने कहा कि सृजन कार्यक्रम बच्चों और किशोरों के सर्वांगीण विकास का प्रभावी मंच है साथ ही बच्चों द्वारा प्रस्तुत अनुभवों एवं केस स्टडी को सराहते हुए शिक्षा, आत्मरक्षा, खेलकूद, भारतीय संस्कृति तथा सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक रहने का संदेश देते हुए पुलिस विभाग सदैव बच्चों एवं समुदाय के सहयोग के लिए तत्पर है तथा युवाओं को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
डीएसपी श्री अनिल कुमार चौहान ने बच्चों को सृजन कार्यक्रम से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हुए सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की सहायता करने हेतु संचालित राहगीर योजना एवं अन्य जनहितकारी योजनाओं की जानकारी दी। महिला थाना प्रभारी द्वारा बच्चों को आत्मसुरक्षा, घरेलू हिंसा की रोकथाम तथा हेल्पलाइन नंबर 112 एवं 1098 के संबंध में जानकारी से अवगत कराते हुए पुलिस को मित्र एवं सहयोगी संस्था के रूप में समझने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में गत वर्ष सृजन कार्यशाला से जुड़े तीन बालक-बालिकाओं ने अपने अनुभव साझा किए। इनमें एक बालक ने विद्यालय छोड़ चुके बच्चे को पुनः शिक्षा से जोड़ने, घरेलू हिंसा से पीड़ित व्यक्ति की सहायता करने तथा साइबर अपराध के प्रति जागरूकता फैलाने, नशे के दुष्परिणाम समझाकर नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करने, डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराध से अपने परिवार को सुरक्षित रखने का अनुभव साझा किया।
प्रशिक्षणकर्ता श्री योगेश ठाकड़ ने मार्शल आर्ट्स एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों को सक्रिय रूप से प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
इस दौरान ग्राम भगावा की बालिकाओं द्वारा बाल श्रम एवं मानव तस्करी विषय पर प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। साथ ही आदिवासी संस्कृति एवं परंपराओं को प्रदर्शित करते हुए आकर्षक आदिवासी नृत्य की प्रस्तुति भी दी गई।







