
किसानों की खुशी में शामिल हुईं विधायक छाया मोरे, सिंचाई परियोजनाओं से छोड़े गए पानी का किया निरीक्षण

“यह मेरा नहीं, किसानों और किसान हितैषी सरकार का सम्मान है, विधायक छाया मोरे
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, प्रभारी मंत्री धर्मेंद्र लोधी और सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल का किसानों ने जताया आभार।
खंडवा। पंधाना विधानसभा क्षेत्र में सिंचाई और पेयजल संकट से जूझ रहे किसानों को राहत मिलने के बाद अब खेतों तक पहुंचते पानी के साथ किसानों के चेहरों पर भी मुस्कान लौट आई है। गुरुवार को पंधाना विधायक एवं प्रदेश भाजपा प्रवक्ता श्रीमती छाया मोरे ने चिचगोहन मंडल के कांकरिया पंप हाउस एवं डोंगरगांव पंप हाउस का निरीक्षण कर छैगांव माखन उद्वहन सिंचाई परियोजना और भाम परियोजना से छोड़े गए पानी की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि इस दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित किसानों में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला। किसानों ने विधायक छाया मोरे का स्वागत कर उनका सम्मान करने की इच्छा जताई, लेकिन विधायक ने विनम्रता के साथ इसे अस्वीकार करते हुए कहा कि यह सम्मान उनका नहीं, बल्कि क्षेत्र के अन्नदाता किसानों और उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशील प्रदेश सरकार का है।
किसानों की समस्या पहुंची मुख्यमंत्री तक, तत्काल मिला समाधान
विधायक छाया मोरे ने कहा कि जैसे ही उन्हें क्षेत्र में सिंचाई और पशुओं के लिए पेयजल संकट की जानकारी मिली, उन्होंने इसे अपनी जिम्मेदारी मानते हुए किसानों के प्रतिनिधियों के साथ भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। उन्होंने किसानों की फसलों को बचाने और पशुओं के लिए पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु उद्वहन सिंचाई योजनाओं से पानी छोड़े जाने का आग्रह किया।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, खंडवा जिले के प्रभारी मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी तथा खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए, जिसके बाद परियोजनाओं से पानी छोड़ा गया।
“किसानों के लिए अमृत समान है यह पानी”
किसानों को संबोधित करते हुए विधायक छाया मोरे ने कहा कि नहरों में छोड़ा गया यह पानी क्षेत्र के अन्नदाताओं के लिए किसी अमृत से कम नहीं है। इससे खेतों में खड़ी कपास सहित अन्य फसलें आगामी बारिश तक सुरक्षित रह सकेंगी और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि यह केवल पानी नहीं, बल्कि हजारों किसानों की मेहनत, उम्मीद और भविष्य को बचाने का माध्यम है। साथ ही इससे नदी-नालों और जल स्रोतों में भी पानी पहुंचेगा, जिससे पशुओं और पक्षियों के लिए भी पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
अपने सम्मान के बजाय किसानों और सरकार का किया सम्मान
प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान जब किसानों ने विधायक का सम्मान करने की बात कही तो उन्होंने कहा कि सम्मान उन किसान साथियों का होना चाहिए जिन्होंने समय रहते समस्या की जानकारी दी और जनहित के इस विषय को शासन तक पहुंचाने में सहयोग किया।
विधायक ने कहा कि यदि किसी का आभार व्यक्त किया जाना चाहिए तो वह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, प्रभारी मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी और सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल हैं, जिनके प्रयासों और संवेदनशीलता से किसानों की समस्या का त्वरित समाधान संभव हो सका।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया पौधारोपण
प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि निरीक्षण कार्यक्रम से पहले विधायक छाया मोरे ने पर्यावरण दिवस के अवसर पर किसानों के साथ ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधारोपण किया। उन्होंने उपस्थित किसानों और ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प भी दिलाया।
उन्होंने कहा कि जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं। आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए जल और जंगल दोनों का संरक्षण आवश्यक है।
किसानों ने जताया आभार
इस अवसर पर उपस्थित किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, प्रभारी मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल एवं विधायक छाया मोरे का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर पानी मिलने से हजारों एकड़ फसल को नया जीवन मिला है और ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल संकट भी काफी हद तक कम होगा।







