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*पॉक्सो प्रकरणों की सूचना तत्काल बाल कल्याण समिति को देने के निर्देश, आयोग ने खंडवा सीडब्ल्यूसी के कार्यों को सराहा*

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*पॉक्सो प्रकरणों की सूचना तत्काल बाल कल्याण समिति को देने के निर्देश, आयोग ने खंडवा सीडब्ल्यूसी के कार्यों को सराहा*

खंडवा। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मानवाधिकार संबंधी मामलों की समीक्षा करते हुए पॉक्सो प्रकरणों में त्वरित कार्रवाई और बाल संरक्षण व्यवस्था को मजबूत बनाने के निर्देश दिए। इस दौरान बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) खंडवा द्वारा बच्चों के संरक्षण, पुनर्वास एवं परिवार से पुनर्मिलन के क्षेत्र में किए गए कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें “गुड” बताया।

समीक्षा बैठक में श्री कानूनगो ने निर्देश दिए कि पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज प्रत्येक प्रकरण की जानकारी तत्काल बाल कल्याण समिति को उपलब्ध कराई जाए, ताकि पीड़ित बच्चों को समय पर संरक्षण, काउंसलिंग, पुनर्वास एवं कानूनी सहायता मिल सके। उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से पीड़ित प्रतिकर योजना का लाभ सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

उन्होंने जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक प्रत्येक तीन माह में कलेक्टर की अध्यक्षता में नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही चाइल्ड हेल्पलाइन के प्रचार-प्रसार, स्कूलों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता तथा कुपोषित बच्चों के उपचार को प्राथमिकता देने की बात कही।

बैठक में बाल कल्याण समिति खंडवा द्वारा संकटग्रस्त, परित्यक्त एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के पुनर्वास, लापता बच्चों के परिवार से पुनर्मिलन, शिक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्यों का उल्लेख किया गया। समिति के अब तक के प्रयासों को सराहनीय बताते हुए आयोग ने संतोष व्यक्त किया।

बाल कल्याण समिति खंडवा के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने कहा कि आयोग के निर्देश बाल अधिकारों की सुरक्षा को और मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों के हित में कार्य करने वाली सभी एजेंसियों के बेहतर समन्वय से बाल संरक्षण व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनेगी।

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