
जिले में लंबित मामलों को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। कलेक्टर नेहा मीना ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2010 के तहत समय-सीमा में कार्य पूर्ण न करने वाले अधिकारियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों की समस्याओं का समय पर समाधान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिन अधिकारियों ने बिना ठोस कारण के आवेदनों को लंबित रखा है, उनसे जवाब मांगा गया है। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो संबंधित अधिकारियों पर अर्थदंड सहित सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जिन अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें धनौरा के नायब तहसीलदार अमृतलाल धुर्वे, लखनादौन के तहसीलदार दिग्विजय परस्ते, कहानी के तहसीलदार अरुण भूषण दुबे, उगली की नायब तहसीलदार दीक्षा वासनिक, पलारी वृत्त के नायब तहसीलदार कुंवरलाल राउत, केवलारी के तहसीलदार शशांक मेश्राम और बरघाट की तहसीलदार पूजा राना शामिल हैं।
इसके अलावा गंगेरूआ के नायब तहसीलदार धर्मराज तुरकर, कुरई के तहसीलदार शनिपाल शाह परतेती, छपारा के तहसीलदार सौरभ मरावी, भोमा एवं सिवनी भाग-एक की नायब तहसीलदार राधिका पाठक, बण्डोल के नायब तहसीलदार सतीश कुमार चौधरी, सिवनी भाग-दो के तहसीलदार नितिन कुमार चौधरी तथा केवलारी के मुख्य नगरपालिका अधिकारी चन्द्रकिशोर भंवरे को भी नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि लंबित प्रकरणों का जल्द से जल्द निराकरण किया जाए, ताकि आम जनता को सरकारी सेवाओं का लाभ समय पर मिल सके।













