
ओशो के अनुसार होली चेतना का उत्सव — मातृशक्ति सम्मान एवं फॉग उत्सव का आयोजन
खंडवा। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर वृंदावन विहार कॉलोनी स्थित समर्थगुरु ध्यान सेवा केंद्र में मातृशक्ति सम्मान एवं फॉग उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ओशो के चेतना के भाव के साथ हुई। ओशो के अनुसार होली केवल रंगों का नहीं, बल्कि चेतना के जागरण का उत्सव है, जब मन के विकार जलते हैं और जीवन में प्रेम व आनंद के रंग खिलते हैं।
कार्यक्रम मुख्य अतिथि डॉ. भावना अत्रिवाल एवं विशिष्ट अतिथि सीमा जोशी के आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाली मातृशक्तियों का गुलाबी दुपट्टा व सम्मान पत्र देकर सम्मान किया गया।
डॉ. भावना अत्रिवाल ने कहा कि नारी संस्कार, संवेदना और शक्ति की आधारशिला है, जबकि सीमा जोशी ने महिला सशक्तिकरण को समाज की आवश्यकता बताया।
कार्यक्रम के दौरान कुंडलिनी ध्यान कराया गया, जिसमें साधकों ने आंतरिक शांति व ऊर्जा का अनुभव किया। सेवा केंद्र संचालक स्वामी आनंददेव एवं जिला संयोजक स्वामी तथागत प्रवीण ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य मातृशक्ति सम्मान के साथ सकारात्मक चेतना का प्रसार करना है।
कार्यक्रम का संयोजन हर्षा शर्मा एवं रीता चाकरे ने किया तथा संचालन भी हर्षा शर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर राहुल, प्रज्ञा, ज्योत्सना, दीपक पगारे, नरेंद्र सोलंकी, रितेश चावरे, रीता चाकरे, डॉ. स्वाती दुबे, आर्या शर्मा, अश्लेषा दुबे, राहुल नांदूरकर, सुभाष दुबे सहित अनेक साधक-साधिकाएं उपस्थित रहे।
अंत में सभी ने महिला सम्मान एवं चेतना उत्सव के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन किया।










