
*”कर्ज-सूदखोरी के चक्रव्यूह में फंसे कांग्रेस नेता जीतू चौधरी की जिला अस्पताल में मौत*
*खंडवा में सूदखोरों की प्रताड़ना से परेशान कांग्रेस नेता ने गेहूं में रखने वाली सल्फास की गोलियां खाई*
*गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल में भर्ती उपचार के दौरान मौत , पुलिस प्रकरण दर्ज कर जान शुरू की तहसीलदार ने लिए बयान*
खंडवा-कांग्रेस के पूर्व पार्षद, ठेकेदार, पत्रकार, आनंद नगर निवासी जीतू उर्फ जितेंद्र चौधरी ने सूदखोर से पीड़ित होकर आज मंगलवार 11:00 बजे करीब अपने ही घर में गेहूं में रखने वाली सल्फास की गोलियां खाली गंभीर अवस्था में परिजनों द्वारा जिला अस्पताल पहुंचाया गया , जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई घटना की जानकारी लगते हैं जिला अस्पताल में कांग्रेसी नेताओं की भीड़ जमा हो गई,चश्मदीदों के अनुसार, कांग्रेस नेता जीतू चौधरी लंबे समय से मानसिक तनाव और पारिवारिक प्रताड़ना झेल रहा था, मकान बेचने की धमकी दी जा रही थी और इसी से तंग आकर उसने यह कदम उठाया।
तहसीलदार द्वारा जितेंद्र चौधरी से बयान भी लिए गए हैं। पुलिस ने पूरे मामले को लेकर गंभीरता से प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है।
*खंडवा में बड़े पैमाने पर सूदखोरों का धंधा फल फूल रहा*
खंडवा में यह पहला मामला नहीं है कि किसी व्यक्ति ने कीटनाशक या सूदखोरों से परेशान होकर आत्महत्या ना कि हो इससे पहले भी कई बार इस प्रकार की घटनाएं शहर में देखने को मिली जहां पर सूदखोरों द्वारा प्रताड़ित करने पर व्यक्तियों द्वारा आत्महत्या का प्रयास किया गया है इसमें कई की तो मौत हो चुकी है जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे जिससे सूदखोरों का धंधा तेजी से फल फूल रहा है। सूदखोर बिना लाइसेंस के सूद पर रुपये देते है। गरीबों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनसे अवैध रूप से तब तक ब्याज वसूल करते हैं। जब तक मूलधन पूरा अदा नहीं होता। जानकारी के अभाव में अक्सर लोग सूदखोरों के चक्कर में पड़कर जमीन अथवा जेवरात आदि गिरवीं रखकर रकम तो ले लेते हैं,
लेकिन ली गई रकम से अधिक ब्याज चुकाने के बाद भी मूलधन बकाया रह जाता है। कुछ तो अपना सब कुछ बेचकर पैसा अदा करते है तो कुछ सूदखोर से परेशान होकर जान दे देते हैं।













