सिंगरौली बरगवां में हुई हत्या के आरोपी गिरफ्तार,प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह
प्रेम प्रसंग में युवक की निर्मम हत्या, युवती समेत चार आरोपी गिरफ्तार सिंगरौली/सिंगरौली जिले के बरगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पोखरा में प्रेम प्रसंग के विवाद में एक युवक की बेरहमी से हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए युवती सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 27–28 फरवरी 2026 की दरम्यानी रात संदीप यादव (20) पिता राजेन्द्र यादव निवासी आजादपुर (धिनहागांव) थाना बरगवां को आरोपियों ने घर बुलाकर पहले करंट लगाया, फिर लाठी-डंडों से जमकर मारपीट की और बाद में कुल्हाड़ी से उसका बायां पैर काट दिया। गंभीर रूप से घायल युवक को मृत समझकर आरोपियों ने उसे गांव के बाहर परमानंद बैस के अरहर के खेत में फेंक दिया। 28 फरवरी की सुबह करीब 6 बजे ग्रामीणों ने खेत में युवक को बेहोशी की हालत में पड़ा देखा और इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को उपचार के लिए जिला अस्पताल बैढ़न भेजा। हालत गंभीर होने पर उसे बेहतर इलाज के लिए जबलपुर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर अज्ञात आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस अधीक्षक सिंगरौली मनीष खत्री द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। जांच के दौरान पुलिस, साइबर सेल, एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड की मदद से घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों से साक्ष्य एकत्र किए गए। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने अपने घर के आंगन और कमरे में पड़े खून के धब्बों को मिटाने के लिए गोबर से पुताई कर दी थी, लेकिन वैज्ञानिक जांच में खून के निशान मिल गए। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि मृतक संदीप यादव और आरोपी पूजा पनिका के बीच पिछले कई महीनों से प्रेम संबंध था। इसी दौरान पूजा पनिका का विवाह उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के ओबरा में तय हो गया था। इस पर संदीप ने विरोध करते हुए पूजा पर उससे शादी करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। इससे परेशान होकर पूजा पनिका ने पूरी बात अपनी मां मुन्नी देवी पनिका, भाई मेलासागर पनिका और चाचा भोलानाथ पनिका को बताई। इसके बाद चारों ने मिलकर योजना बनाई कि संदीप को घर बुलाकर समझाया जाएगा और अगर वह नहीं माना तो उसे रास्ते से हटा दिया जाएगा। योजना के अनुसार 27 फरवरी को पूजा ने संदीप को अपने घर बुलाया। वहां चारों आरोपियों ने उसे पकड़कर पहले समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब वह शादी की जिद पर अड़ा रहा तो उसे बिजली के तार से करंट लगाया गया और लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा गया। इसके बाद आरोपी भोलानाथ ने गुस्से में आकर कुल्हाड़ी से उसका बायां पैर काट दिया। अधिक खून बहने से संदीप बेहोश हो गया। आरोपियों ने उसे मृत समझकर परमानंद बैस के अरहर के खेत में फेंक दिया और उसके कपड़े भी जला दिए, ताकि लोगों को लगे कि उसकी मौत जंगली जानवरों के शिकार के लिए लगाए गए करंट के कारण हुई है। लेकिन सुबह ग्रामीणों की सूचना पर उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां बाद में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में भोलानाथ पनिका (39), मेलासागर पनिका (19), पूजा पनिका (20) और मुन्नी देवी पनिका (40) निवासी ग्राम पोखरा थाना बरगवां को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त लाठी, कुल्हाड़ी, बिजली का तार और मोबाइल जब्त किया गया है। चारों आरोपियों को 7 मार्च 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जिला जेल भेज दिया गया। सराहनीय भूमिका: मामले के खुलासे में थाना प्रभारी निरीक्षक मो. समीर, निरीक्षक आराधना सिंह परिहार, उपनिरीक्षक अमन वर्मा, संदीप नामदेव, पवन सिंह (सायबर सेल), अर्चना धुर्वे सहित पुलिस, साइबर सेल, एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड के अधिकारियों व कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक द्वारा पूरी टीम को 10 हजार रुपये के नगद पुरस्कार से पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है।