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*संवेदनशीलता, समन्वय और मानवता की मिसाल।

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*संवेदनशीलता, समन्वय और मानवता की मिसाल।

14 वर्षीय मानसिक अक्षम बालक को मिला सुरक्षित भविष्य।

खंडवा। जिले में बाल संरक्षण के क्षेत्र में एक अनुकरणीय और प्रेरणादायक पहल सामने आई है। 14 वर्षीय मानसिक रूप से अक्षम बालक को बाल कल्याण समिति खंडवा के समन्वित प्रयासों से सेवा धाम, उज्जैन में सुरक्षित एवं संरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया गया। समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि इस मानवीय कार्य में अपर कलेक्टर सृष्टि देशमुख एवं विधायक कंचन तन्वे का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ। वहीं पुलिस उप
महानिरीक्षक मनोज कुमार राय के मार्गदर्शन में विशेष किशोर पुलिस इकाई द्वारा बालक को विधिवत बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। प्रारंभिक व्यवस्था के अंतर्गत बालक को अनुसूचित जाति बालक छात्रावास, सर्किट हाउस के पास, खंडवा में दो दिनों तक अस्थायी आश्रय प्रदान किया गया, जहां उसकी सुरक्षा, देखभाल एवं आवश्यकताओं का समुचित प्रबंध किया गया।
इस पूरे कार्य में जिला बाल संरक्षण अधिकारी टीका सिंह बिल्लौरे, बाल संरक्षण अधिकारी पुष्पेंद्र सिंह मंडलोई, विशेष किशोर पुलिस इकाई प्रभारी सुनीता जोसफ, आरक्षक शर्मिला तथा धर्मेंद्र चौहान ने संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। सुनील जैन ने बताया कि इसके पश्चात बाल कल्याण समिति के सदस्यों स्वप्निल जैन एवं रुचि पाटिल के विशेष प्रयासों से बालक को उज्जैन स्थित सेवा धाम में दीर्घकालिक संरक्षण, उपचार एवं पुनर्वास का अवसर उपलब्ध कराया गया। इस अवसर पर अध्यक्ष न्यायपीठ, बाल कल्याण समिति खंडवा, प्रवीण शर्मा ने सेवा धाम उज्जैन के अधीक्षक एवं संचालक का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा की सेवा धाम द्वारा बालक को तुरंत स्वीकार कर मानवीय संवेदना के साथ आश्रय प्रदान किया गया, जो वास्तव में प्रशंसनीय है। प्रशासन, पुलिस, बाल संरक्षण तंत्र और सामाजिक सहयोग से ही हर असहाय बालक को सुरक्षित भविष्य दिया जा सकता है।”
यह घटना यह संदेश देती है कि जब व्यवस्था, संवेदना और संकल्प एक साथ चलते हैं, तब हर असहाय बालक को नई दिशा, संरक्षण और सम्मानजनक जीवन मिलता है।

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