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पुरूषों की अपेक्षा माताओं में दयालुता अधिक होती है, ,,,उपमन्यूजी,,,

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पुरूषों की अपेक्षा माताओं में दयालुता अधिक होती है, ,,,उपमन्यूजी,,,

खंडवा। शहर के रामनगर में चल रही शिव महापुराण कथा के विश्राम दिवस पर वृंदावन धाम से पधारे पं. श्री बनवारी भाई उपमन्यूजी महाराज ने कहा कि इंद्र पुत्र जयंत ने सीताजी को कौआ बनकर चौंच से प्रहार किया। इस पर रामजी जयंत पर क्रुद्ध हो गये, परंतु माता सीता नेे क्षमा कर दिया। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि महाराजजी ने भगवान शिव की महिमा सुनाते हुए कहा कि समुद्र मंथन से निकले विष को भगवान शिव ने स्वीकार करके देवताओं को अमृत पिलाया। इसलिए भगवान शिव नीलकंठ कहलाये। संसार में जो कडवाहट को झेलकर परोपकार करता रहता है वही व्यक्ति महान बनता है। सभी माताओं भक्तों ने पार्थेश्वर का निर्माण पूजन अभिषेक करके पुण्यलाभ प्राप्त किया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।

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