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राखी कलाई पर नहीं, चेतना में बांधने का पर्व; बाल संप्रेषण गृह में बच्चों के साथ मनाया रक्षाबंधन।

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राखी कलाई पर नहीं, चेतना में बांधने का पर्व; बाल संप्रेषण गृह में बच्चों के साथ मनाया रक्षाबंधन।

खंडवा। रक्षाबंधन पर न्यायपीठ बाल कल्याण समिति ने बाल संप्रेषण गृह में बच्चों के बीच पहुंचकर पर्व मनाया। रक्षाबंधन रक्षा का पवित्र पर्व है, समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि ब्रह्माकुमारी किरण बहन ने संप्रेषण गृह में बच्चों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा और उन्हें सकारात्मक जीवन, अनुशासन, सदाचार व परस्पर सम्मान का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम में बच्चों के साथ स्नेह और आत्मीयता का माहौल रहा।

संरक्षण के साथ विश्वास और अपनापन भी जरूरी

शिक्षाविद् हर्षा शर्मा ने कहा कि बच्चों को केवल संरक्षण नहीं, बल्कि विश्वास, अपनापन और सम्मान की जरूरत है। जब बच्चा भय के बजाय विश्वास और उपेक्षा के बजाय अपनापन महसूस करता है, तभी बाल संरक्षण का उद्देश्य सार्थक होता है।

हर बच्चे को सुरक्षित बचपन देना समाज की जिम्मेदारी

न्यायपीठ बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने कहा कि हर बच्चे को सुरक्षित बचपन, शिक्षा, सम्मान और आगे बढ़ने का अवसर देना पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। रक्षाबंधन का संदेश केवल परिवार तक सीमित न रहकर समाज के प्रत्येक बच्चे तक पहुंचना चाहिए।
इस अवसर पर प्रवीण शर्मा ने कहा, “राखी कलाई पर बंधती है, लेकिन उसकी सच्ची गांठ चेतना में लगनी चाहिए। जहां प्रेम और संवेदना होगी, वहां कोई बच्चा अकेला नहीं होगा।”

समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि जहां संवेदना होगी वहां बच्चा अकेला नहीं होगा, कार्यक्रम में अजय सोनी और सुनील तीर्थानी भी शामिल हुए। उन्होंने बच्चों को रक्षाबंधन की
शुभकामनाएं दीं।

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