जैन समाज द्वारा मुनी रक्षा दिवस के रूप में 28 अगस्त को मनाया जाएगा रक्षाबंधन पर्व।
1008 श्रेयांस नाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक पर्व की बेला है इसी दिवस पर मोदक भी अर्पित होगे।
खंडवा। जैन समाज द्वारा रक्षाबंधन मुनी रक्षा दिवस के रूप में मनाया जाता है।मान्यता है कि रक्षाबंधन के दिन सैकड़ों मुनियों की रक्षा हुई थी। 700 मुनियों के ऊपर हो रहे उपसर्गों को दूर कर विष्णु कुमार मुनि ने श्रवण संस्कृति पर उपकार किया था। समाज के सचिव सुनील जैन ने बताया कि श्रावण मास शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के दिन जहां रक्षाबंधन उत्साह के साथ मनाया जाता है। वहीं श्रावण शुक्ल की पूर्णिमा के दिन भगवान श्रेयांशनाथ का मोक्ष कल्याणक दिवस मनाया जाता है। आज से हजारों वर्ष पूर्व झारखंड स्थित शिखरजी के पर्वत पर तप और तपस्या करते हुए श्रावण शुक्ल की पूर्णिमा के दिन भगवान श्रेयांश नाथ ने मोक्ष प्राप्त किया था। समाज के सचिव सुनील जैन, प्रेमांशु चौधरी ने बताया कि खंडवा के समस्त दिगंबर जैन मंदिरों में शुक्रवार को रक्षाबंधन पर्व के साथ भगवान के मोक्ष कल्याणक दिवस पर प्रात: 7 बजे नित्य नियम पूजा के साथ भगवान का अभिषेक व शांतिधारा करने के पश्चात सामूहिक रूप से श्रद्धालुओं द्वारा लाडू चढ़ाकर महाआरती की जाएगी एवं रक्षाबंधन पर्व मनाया जाएगा। मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा देवस्थान की चौखट एवं मुख्य द्वार पर देव राखी बांधी जाएगी। घासपुरा दिगंबर महावीर जैन मंदिर में श्रावण शुक्ल पूर्णिमा के दिन शिखरजी की रचना में विराजित श्रेयांशनाथ भगवान की रत्न जड़ित प्रतिमा का प्रात: पूजा के साथ अभिषेक एवं शांतिधारा करने के पश्चात उत्साह के साथ लाडू चढ़ाया जाएगा एवं आरती की जाएगी ।












