25 भाजपाइयों के कांग्रेस में जाने के दावे पर भाजपा का पलटवार, बोली—पहले सदस्यता और पद का प्रमाण दिखाएं।
बरूड़ मंडल में कांग्रेस की ज्वाइनिंग पर सियासी घमासान; मंडल अध्यक्ष जयपाल सिंह चौहान का आरोप—कांग्रेस से जुड़े लोगों को भाजपा छोड़ने वाला बताकर प्रचारित किया।
खंडवा। बरूड़ मंडल में 25 भाजपा कार्यकर्ताओं के कांग्रेस में शामिल होने के कांग्रेस का दावा झूठा है। कांग्रेस ने 22 अगस्त को 25 लोगों के भाजपा छोड़कर कांग्रेस की सदस्यता लेने का दावा करते हुए तस्वीरें और नाम जारी किए थे। अब भाजपा ने इस दावे को ही कठघरे में खड़ा कर दिया है। प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि भाजपा मंडल अध्यक्ष जयपाल सिंह चौहान का कहना है कि न तो कोई सक्रिय भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस में गया है और न ही भाजपा के जनाधार में कोई बदलाव आया है। उन्होंने कांग्रेस से मांग की है कि जिन 25 लोगों को भाजपा कार्यकर्ता बताया जा रहा है, उनकी भाजपा सदस्यता, पद और पार्टी से इस्तीफे का प्रमाण सार्वजनिक किया जाए।
25 नामों पर भाजपा का सवाल—भाजपा में थे तो रिकॉर्ड कहां है?
प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया की कांग्रेस की ओर से जारी सूची में चंदन यादव, लक्की राठौर, कमलेश मीणा, चेतन राठौर, कृष्णा मीणा, रूपेश राठौर, गोलू राठौर, कांतिलाल राठौर, रामचंद कुमरावत, दिलीप पटेल, दिनेश रावत, रमेश मीणा, नारायण नामदेव, गजानंद पटेल, जीवन पटेल, दुर्गेश, धर्मेन्द्र, गोटिया कुमरावत, सोनू रघुवंशी, करण पटेल, मोहन वारिया, मंशाराम पटेल, शिवलाल पटेल और भैयालाल यादव सहित अन्य के कांग्रेस में शामिल होने का दावा किया गया।
भाजपा अब इसी सूची को लेकर सवाल उठा रही है। पार्टी का कहना है कि यदि ये 25 लोग सक्रिय भाजपा कार्यकर्ता थे तो यह भी बताया जाए कि इनमें कितने अधिकृत सदस्य थे, किसके पास संगठनात्मक पद था, कौन बूथ या शक्ति केंद्र से जुड़ा था और किसने भाजपा की सदस्यता से इस्तीफा दिया।
जयपाल सिंह चौहान का आरोप—राजनीतिक प्रचार के लिए बनाई गई कहानी
भाजपा मंडल अध्यक्ष जयपाल सिंह चौहान ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष उत्तमपाल सिंह पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस से जुड़े लोगों को एकत्रित कर उन्हें माला पहनाई गई और बाद में इसे भाजपा के 25 कार्यकर्ताओं के कांग्रेस में जाने के रूप में प्रचारित किया गया।
चौहान का दावा है कि सूची में शामिल कई लोग पहले से कांग्रेस से जुड़े रहे हैं अथवा कांग्रेस नेताओं से जुड़े प्रतिष्ठानों में काम करते हैं। भाजपा ने आरोप लगाया कि अहिंसा गैस एजेंसी परिसर में ऐसे लोगों को एकत्रित कर कांग्रेस में शामिल होने की तस्वीरें प्रचारित की गईं।
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
रोहित घाटे के कांग्रेस में जाने पर भी भाजपा ने उठाए सवाल
कांग्रेस की ओर से भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के पूर्व मंडल अध्यक्ष रोहित घाटे के कांग्रेस में शामिल होने को प्रमुखता से प्रचारित किया गया। भाजपा नेताओं का कहना है कि रोहित घाटे की पूर्व राजनीतिक पृष्ठभूमि को भी सामने रखा जाना चाहिए।
भाजपा कार्यकर्ताओं का दावा है कि रोहित घाटे पहले कांग्रेस से जुड़े रहे, बाद में भाजपा में आए और अब दोबारा कांग्रेस में गए हैं। भाजपा इसे संगठन से बड़े पलायन के बजाय ‘घर वापसी’ के रूप में देख रही है।
इसी तरह अमृत घाटे को लेकर भी भाजपा कार्यकर्ताओं का दावा है कि वे पूर्व में कांग्रेस से जुड़े रहे हैं और बाद में भाजपा में आए थे। भाजपा का सवाल है कि ऐसे लोगों की वापसी को भाजपा के नए असंतोष या बड़े राजनीतिक पलायन के तौर पर प्रस्तुत करना कितना उचित है।
कांग्रेस ने बताया था भाजपा से मोहभंग का संकेत
कांग्रेस की ओर से जारी जानकारी में कहा गया था कि महंगाई और भाजपा की नीतियों से नाराजगी के चलते बरूड़ मंडल के करीब 25 लोगों ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष उत्तमपाल सिंह ने इनका स्वागत किया था।
कांग्रेस प्रवक्ता प्रेमांशु जैन ने भी इसे भाजपा के प्रति लोगों के मोहभंग का संकेत बताया था। इससे पहले ओंकारेश्वर और सिंगोट में भी कांग्रेस की ओर से लोगों के पार्टी में शामिल होने के दावे किए गए थे।
भाजपा ने कांग्रेस के सामने रखे छह सवाल
भाजपा का कहना है कि विवाद का समाधान तस्वीरों से नहीं, बल्कि संगठनात्मक रिकॉर्ड से होगा। पार्टी ने कांग्रेस से पूछा है—
– कांग्रेस में शामिल बताए जा रहे 25 लोग भाजपा के कब से सदस्य थे?
– इनमें कितने लोगों के पास भाजपा का अधिकृत पद था?
– किस-किस ने भाजपा की सदस्यता से इस्तीफा दिया?
– क्या संबंधित मंडल या बूथ संगठन ने उनके पार्टी छोड़ने की पुष्टि की?
– वे भाजपा के किस बूथ, शक्ति केंद्र या मंडल में जिम्मेदारी संभाल रहे थे?
– उनकी पूर्व भाजपा सदस्यता का प्रमाण सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा?
भाजपा का कहना है कि यदि कांग्रेस इन सवालों के दस्तावेजी जवाब सार्वजनिक कर देती है तो विवाद स्वतः समाप्त हो जाएगा।
गजानन पटेल बोले—भाजपा के साथ थे, हैं और रहेंगे
कांग्रेस की सूची में शामिल बताए जा रहे भाजपा कार्यकर्ता गजानन पटेल ने भी कांग्रेस के दावे को खारिज किया है। उनका कहना है कि क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ता संगठन के साथ मजबूती से खड़े हैं।
उन्होंने दावा किया कि बूथ अध्यक्षों, शक्ति केंद्र पदाधिकारियों और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के स्तर पर कांग्रेस में किसी बड़े पलायन की स्थिति नहीं है। उनका कहना है, “हम भाजपा के साथ थे, भाजपा के साथ हैं और भाजपा के साथ ही रहेंगे।”
अब सियासी लड़ाई ’25’ के आंकड़े पर
बरूड़ मंडल का विवाद अब सिर्फ कांग्रेस में शामिल होने वाले लोगों तक सीमित नहीं रह गया है। असली सवाल यह बन गया है कि कांग्रेस के बताए 25 लोग वास्तव में भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता थे या नहीं।
कांग्रेस इसे भाजपा के प्रति बढ़ते असंतोष और अपने संगठन के विस्तार के तौर पर देख रही है, जबकि भाजपा इसे राजनीतिक प्रचार बता रही है।
अब कांग्रेस के सामने चुनौती अपने दावे को दस्तावेजों के साथ साबित करने की है। वहीं भाजपा के दावे की भी कसौटी यही होगी कि वह सूची में शामिल लोगों की वास्तविक राजनीतिक स्थिति को संगठनात्मक रिकॉर्ड के आधार पर प्रमाणित कर पाए।
फिलहाल बरूड़ मंडल में 25 लोगों की ज्वाइनिंग से ज्यादा चर्चा इस बात की है कि आखिर इन 25 की वास्तविक राजनीतिक पहचान क्या है—सक्रिय भाजपाई, पूर्व भाजपाई या कांग्रेस से लौटे लोग?













