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अपर जिला मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 3 खाद्य कारोबारियों पर लगाया डेढ़-डेढ़ लाख रुपए का जुर्माना

बडौद आगर मालवा से संजय जैन की रिपोर्ट

अपर जिला मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 3 खाद्य कारोबारियों पर लगाया डेढ़-डेढ़ लाख रुपए का जुर्माना

अपर जिला मजिस्ट्रेट एवं पदेन न्याय निर्णयन अधिकारी, श्री आरपी वर्मा द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के विभिन्न प्रकरणों में दोषी पाए जाने पर जिले के तीन खाद्य कारोबारियों पर डेढ़-डेढ़ लाख रुपए की अर्थदंड राशि अधिरोपित की गई है।
प्रथम प्रकरण में बड़ौद स्थित बीकानेर नमकीन एंड स्वीट्स के संचालक मुकेश सिंह राजपुरोहित के प्रतिष्ठान से 24 अक्टूबर 2024 को मावा लूज़, चमचम एवं मावा कतली के नमूने जांच हेतु लिए गए थे। जांच में चमचम एवं मावा कतली के नमूने मानक पाए गए, जबकि मावा का नमूना बी.आर. रीडिंग अधिक होने के कारण अवमानक पाया गया। इस पर न्यायालय द्वारा 1 लाख 50 हजार रुपए का अर्थदंड अधिरोपित किया गया।
इसी प्रकार द्वितीय प्रकरण में 27 जनवरी 2025 को होटल महाराजा, आगर के निरीक्षण के दौरान संचालक मुकेश गवली पिता दुलीचंद गवली निवासी बड़ा गवलीपुरा, आगर बिना खाद्य लाइसेंस एवं पंजीयन के वेज एवं नॉन-वेज होटल संचालन करते पाए गए। निरीक्षण में खाद्य सामग्री का अवैध निर्माण, संग्रहण, प्रदर्शन एवं विक्रय किया जाना पाया गया। प्रकरण में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 31(2) के उल्लंघन पर एफएसएसए 2006 की धारा 55 एवं 58 के तहत दोषी पाए जाने पर न्यायालय ने 1 लाख 50 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया। तृतीय प्रकरण में साल्याखेड़ी निवासी रामलखन पाटीदार द्वारा सोयत नगर बस स्टैंड क्षेत्र में थोक स्तर पर चाय, घी, दाल एवं चावल का कारोबार संचालित किया जा रहा था। जांच के दौरान करतार प्योर घी एवं खुली चाय के नमूने लिए गए। परीक्षण में चाय का नमूना मानक तथा करतार प्योर घी का नमूना अवमानक स्तर का पाया गया। मामले में एडीएम कोर्ट में प्रकरण दर्ज किया गया था। दोनों पक्षों की सुनवाई उपरांत न्यायालय द्वारा 1 लाख 50 हजार रुपए की अर्थदंड राशि अधिरोपित की गई। उक्त तीनों प्रकरणों में कार्रवाई तत्कालीन खाद्य सुरक्षा अधिकारी आगर श्री एल. कुम्भकार द्वारा की गई थी।
तीनों प्रकरणों में अधिरोपित अर्थदण्ड राशि 15 दिवस के भीतर जमा करानी होगी। निर्धारित अवधि में राशि जमा नहीं करने पर संबंधित तहसीलदार के माध्यम से भू-राजस्व संहिता एवं अधिनियम की धारा 96 के तहत वसूली एवं कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जुर्माना राशि जमा होने तक संबंधित खाद्य अनुज्ञप्ति एवं पंजीयन निलंबित रहेंगे।

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