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*श्री श्रीधराचार्य जी महाराज की भक्त चरित्र कथा के समापन पर भावुक हुए श्रोता*

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*श्री श्रीधराचार्य जी महाराज की भक्त चरित्र कथा के समापन पर भावुक हुए श्रोता*
*आध्यात्म में प्रवेश श्री सदगुरु की कृपा से ही संभव – श्री श्रीधराचार्य जी महाराज*
खण्डवा। अग्रवाल परमार्थिक भवन, कल्लनगंज में परम पूज्य गुरुजी श्री श्रीधराचार्य जी महाराज की दो दिवसीय भक्त चरित्र कथा के द्वितीय एवं अंतिम दिवस पर दोपहर 2 बजे से 6 बजे तक आयोजित कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर भक्ति रस में सराबोर हुए। कथा के समापन अवसर पर वातावरण अत्यंत भावुक और भक्तिमय हो गया तथा अनेक श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।जानकारी देते हुए समाजसेवी नारायण बाहेती व सुनील जैन ने बताया कि द्वितीय दिवस पर महाराज श्री ने भक्तों के चरित्रों की विस्तृत व्याख्या करते हुए कहा कि आध्यात्म में प्रवेश श्री सदगुरु की कृपा से ही संभव है। व्यक्ति चाहे कितना ही तप कर ले, यज्ञ कर ले या वन में एकांत साधना कर ले, परंतु सद्गुरु की कृपा के बिना शरणागत होना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति कहता है कि “मैं सब कुछ जानता हूं” वह वास्तव में कुछ नहीं जानता और जो कहता है कि “मैं कुछ नहीं जानता” वही वास्तविक ज्ञान प्राप्त करता है। पूर्ण ज्ञान प्राप्त करने वाला व्यक्ति बालक के समान निश्छल और सरल हो जाता है, ऐसे लोग संसार में बहुत कम होते हैं।
कथा के दौरान महाराज श्री ने विभिन्न भक्त चरित्रों के प्रेरक प्रसंग सुनाए। उन्होंने विष्णुचित्त स्वामी का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि विष्णुचित्त जी तुलसी के पौधे लगाकर उनकी मालाएं बनाकर प्रभु को अर्पित करते थे। उनकी निष्काम सेवा से प्रसन्न होकर प्रभु ने उन्हें अपना आशीर्वाद प्रदान किया। महाराज श्री ने मानव जीवन के तीन प्रमुख दोष भी बताए—छोटी-छोटी बातों में झूठ बोलना, परनारी की ओर कुदृष्टि रखना तथा बिना कारण किसी से शत्रुता रखना। इन दोषों से बचकर ही जीवन को पवित्र और सफल बनाया जा सकता है।
कथा के दौरान भजनों एवं संकीर्तन से संपूर्ण परिसर भक्तिमय हो गया। मुख्य यजमान भागचंद अग्रवाल (भग्गू भाई) पत्नी नीति, पुत्र सार्थक, समर्थ एवं पुत्री खुशी ने व्यासपीठ का पूजन एवं आरती कर महाराज श्री का आशीर्वाद प्राप्त किया।
कथा के प्रारंभ में श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ समिति के हरिप्रसाद बंसल, रामस्वरूप बाहेती, राजेन्द्र प्रसाद अग्रवाल, नारायण बाहेती, ओमप्रकाश अग्रवाल, राजनारायण परवाल, विजय राठी, सुनील जैन, शैलेन्द्र अग्रवाल, अनिल बाहेती, राजेन्द्र अग्रवाल एवं सुरेन्द्र सिंह सोलंकी ने महाराज श्री का आशीर्वाद लिया।
कथा में राजेन्द्र प्रसाद अग्रवाल, भागचंद रामगोपाल अग्रवाल, गोवर्धन अग्रवाल, किशन अग्रवाल, विनोद अग्रवाल, संदीप माहेश्वरी, उषा परवाल, निहारिका बंसल, निशा चांडक सहित बड़ी संख्या में महिलाओं एवं पुरुषों, लायन्स क्लब खण्डवा, रोटरी क्लब तथा विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने कथा श्रवण का लाभ लिया।महाआरती एवं प्रसाद वितरण के साथ भक्त चरित्र कथा का भावपूर्ण समापन हुआ।

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