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कलेक्टर श्री गुप्ता ने छैगांवमाखन में स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की

लापरवाह अधिकारी कर्मचारियों के एक-एक माह का वेतन काटने के दिए निर्देश , एक एएनएम को निलंबित किया

कलेक्टर श्री गुप्ता ने छैगांवमाखन में स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की , लापरवाह अधिकारी कर्मचारियों के एक-एक माह का वेतन काटने के दिए निर्देश , एक एएनएम को निलंबित किया

खण्डवा #कलेक्टर श्री ऋषव गुप्ता ने बुधवार को छैगांवमाखन जनपद पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में उपस्थित अधिकारियों व स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि संस्थागत प्रसव को बढ़ाने के लिए गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को पहले से ही अस्पताल में प्रसव के लिए प्रेरित करें। बैठक में एसडीएम पंधाना सुश्री दीक्षा भगोरे, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रश्मि कौशल, डी.पी.एम. शैलेंद्र सोलंकी, छैगांवमाखन के विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग के सुपरवाइजर्स, स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर्स भी मौजूद थे। कलेक्टर श्री गुप्ता ने बीएमओ और बीपीएम को निर्देश दिए कि वे अपने विकासखण्ड की पोर्टल पर दर्ज जानकारी की स्वयं नियमित रूप से समीक्षा करें।

डॉक्टर्स एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का वेतन काटने के लिए निर्देश

कलेक्टर श्री गुप्ता ने समीक्षा के दौरान ग्राम कांकरिया की एएनएम सुनीता गनिया को अपने कर्त्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ओ.पी. जुगतावत को दिए। उन्होंने कर्त्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतने पर टेमीखुर्द की एएनएम व चिचगोहन के मेडिकल ऑफिसर डॉ. प्रवीण बिड़ला का एक-एक माह का वेतन काटने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने छैगांवदेवी, निहालवाड़ी, व बरूड़ की एएनएम, देशगांव की एएनएम व सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी और विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी छैगांवमाखन का एक-एक माह का वेतन काटने के निर्देश दिए।

गर्भावस्था के दौरान प्रत्येक महिला का 4 बार स्वास्थ्य परीक्षण अवश्य किया जाए

कलेक्टर श्री गुप्ता ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं की गर्भावस्था के 9 माह की अवधि में गांव की स्वास्थ्य कार्यकर्ता व सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा कम से कम 4 बार महिला का स्वास्थ्य परीक्षण आवश्यक रूप से किया जाए। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान महिला का पहला स्वास्थ्य परीक्षण 1 से 12 सप्ताह के बीच, दूसरा 13 से 26 सप्ताह के बीच, तीसरा स्वास्थ्य परीक्षण 27 से 34 सप्ताह के बीच तथा चौथा स्वास्थ्य परीक्षण प्रसव से ठीक पहले किया जाना चाहिए। इन स्वास्थ्य परीक्षणों के दौरान महिला को स्वास्थ्य सम्बंधी कोई समस्या सामने आती है, तो विकासखण्ड या जिला स्तर पर स्थित अस्पताल में वरिष्ठ चिकित्सक से स्वास्थ्य परीक्षण कराकर उसका उपचार कराया जाए, ताकि प्रसव के समय कोई समस्या न हो।

धनगांव, सिलौदा, बरूड़, सालई व देशगांव में महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु शिविर लगाएं

कलेक्टर श्री गुप्ता ने बैठक में कहा कि गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच सम्बंधी जानकारी विभाग के पोर्टल पर आवश्यक रूप से दर्ज की जाए। उन्होंने एनीमिक गर्भवती महिलाओं के मामले में विशेष सावधानी बरतने के लिए चिकित्सा अधिकारियों व एएनएम को निर्देश दिए। उन्होंने बीएमओ को निर्देश दिए कि धनगांव, सिलौदा, बरूड़, सालई व देशगांव में गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए विशेष शिविर आयोजित करें। कलेक्टर श्री गुप्ता ने बैठक में परिवार कल्याण कार्यक्रम, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, टीकाकरण, एनसीडी, ई-संजीवनी कार्यक्रम की भी समीक्षा की।

 

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