
रिपोर्टर = भव्य जैन
झाबुआ।
केशव इंटरनेशनल स्कूल, झाबुआ में आयोजित कार्यक्रम विद्यालय के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण एवं स्मरणीय रहा। इस अवसर पर युगप्रधान आचार्यसम प.पू. पन्यास प्रवर श्री चंद्रशेखर विजय जी महाराज साहेब के शिष्यरत्न आचार्य भगवंत श्री धर्मबोधि सूरीश्वर जी महाराज साहेब का पावन सान्निध्य विद्यालय को प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम के दौरान आचार्य भगवंत श्री ने विद्यार्थियों एवं विद्यालय परिवार को जीवन के सच्चे मूल्यों, अनुशासन और सही आचरण का संदेश दिया। उन्होंने बच्चों को सरल एवं प्रभावशाली शब्दों में समझाया कि माता-पिता ही हमारे प्रथम भगवान होते हैं, जिनके त्याग, संस्कार और आशीर्वाद से हमारा जीवन सही दिशा में आगे बढ़ता है।
आचार्य श्री ने यह भी बताया कि विद्यालय विद्या का मंदिर होता है, जहाँ मर्यादा, अनुशासन और पवित्रता का विशेष महत्व होता है। इसी संदर्भ में उन्होंने बच्चों को यह शिक्षा दी कि कक्षा में चप्पल पहनकर प्रवेश नहीं करना चाहिए, क्योंकि कक्षा ज्ञान अर्जन का पवित्र स्थान है।
कार्यक्रम में बच्चों को एक प्रेरणादायी गीत के माध्यम से सत्कर्म करने की शिक्षा दी गई। इस प्रस्तुति के माध्यम से बच्चों को अच्छे कर्म, अच्छा व्यवहार और सकारात्मक सोच अपनाने का संदेश दिया गया, जिसे विद्यार्थियों ने पूरे ध्यान और अनुशासन के साथ ग्रहण किया।
आचार्य भगवंत श्री ने अपने संदेश में यह उदाहरण भी प्रस्तुत किया कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी महत्वपूर्ण अवसरों पर अपनी माँ से आशीर्वाद लेने जाते रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि जीवन में चाहे व्यक्ति कितनी भी ऊँचाई पर क्यों न पहुँच जाए, माता-पिता का सम्मान और आशीर्वाद सर्वोपरि रहता है।
विद्यालय परिवार ने आचार्य भगवंत श्री के प्रति कृतज्ञता एवं सम्मान व्यक्त किया और यह संकल्प लिया कि केशव इंटरनेशनल स्कूल सदैव शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को प्राथमिकता देता रहेगा।











