
प्रभातचन्द्र झंवर व ज्योति झंवर ने विवाह वर्षगाँठ पर की देहदान की घोषणा।
सक्षम ,लायन्स, नेत्रदान देहदान समिति का 165 वाँ देहदान पंजीकरण सम्पन्न।
खण्डवा। लोकमान्य तिलक वार्ड माधव नगर के झंवर दम्पति प्रभातचन्द्र झंवर व श्रीमती ज्योति झंवर ने अपनी विवाह वर्षगांठ पर देहदान की घोषणा कर अनोखा उदाहरण प्रस्तुत किया है। जानकारी देते हुए सक्षम संस्था के अध्यक्ष व लायन्स नेत्रदान देहदान एवं अंगदान जनजागृति समिति के संयोजक नारायण बाहेती व समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि मानव जीवन की सार्थकता केवल जीने में नहीं, बल्कि मृत्यु के बाद भी समाज के काम आने में है—इस विचार को चरितार्थ करते हुए झंवर दम्पत्ति ने मरणोपरांत देहदान की घोषणा कर समाज के समक्ष एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।
सक्षम संस्था, लायन्स क्लब खण्डवा एवं लियो क्लब खण्डवा की नेत्रदान–देहदान एवं अंगदान जनजागृति समिति द्वारा निरंतर चलाए जा रहे जनजागरण अभियानों का सकारात्मक परिणाम अब समाज में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। इसी कड़ी में झंवर दम्पत्ति के पुत्र शिवम व परिवारजनों की सहमति युक्त देहदान घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर कर समिति को सौंपा। यह समिति द्वारा भरा गया 165 वाँ देहदान घोषणा पत्र है।
सक्षम खण्डवा के अध्यक्ष एवं समिति संयोजक नारायण बाहेती ने जानकारी देते हुए बताया कि यह घोषणा समाज में बढ़ती मानवीय चेतना का प्रमाण है। इस अवसर पर नेत्रदान–देहदान समिति के नारायण बाहेती, डॉ. सोमिल जैन, प्रहलाद तिरोले,सुनील जैन,राजीव मालवीय, राजीव शर्मा, गांधी प्रसाद गदले,अनिल बाहेती, सुरेन्द्रसिंह सोलंकी, डॉ. राधेश्याम पटेल, घनश्याम वाधवा, लायन्स क्लब खण्डवा की अध्यक्ष आशा उपाध्याय, रणवीर सिंह चावला, चंचल गुप्ता सहित लायन्स क्लब खण्डवा, लियो क्लब खण्डवा, सक्षम संस्था एवं महर्षि दधीचि समिति के पदाधिकारियों का सहयोग रहा। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि
देहदान की घोषणा करते हुए झंवर दम्पत्ति ने भावुक शब्दों में कहा कि “मृत्यु के बाद शरीर को जलाकर नष्ट करने से बेहतर है कि वह किसी के जीवन के काम आए। हमारे नेत्र किसी को दृष्टि दे सकते हैं और हमारी देह मेडिकल विद्यार्थियों को शिक्षा देकर समाज के लिए अच्छे चिकित्सक तैयार कर सकती है। समिति संयोजक नारायण बाहेती वह समिति सदस्यों के सहयोग एवं मार्गदर्शन में अब तक 20 देह मेडिकल कॉलेज खण्डवा को सुपुर्द की जा चुकी हैं तथा 520 दिवंगत व्यक्तियों के नेत्रदान सफलतापूर्वक कराए गए हैं।











