
शहर संवाददाता/ सैयद इसाक अली डिंडोरी। नगर के वार्ड क्रमांक 11 में स्थित लकड़ी टाल (आरा मशीन क्षेत्र) से होने वाला अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण स्थानीय निवासियों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। दिन भर चलने वाली लकड़ी कटाई की मशीनों की कान फोड़ू आवाज ने पूरे क्षेत्र की शांति भंग कर दी है।
रिहायशी इलाके में ‘औद्योगिक’ जैसा शोर
वार्ड क्रमांक 11 के रहवासियों का आरोप है कि रिहायशी क्षेत्र के बीचों-बीच स्थित इन लकड़ी टालों में सुबह से ही भारी भरकम मशीनें शुरू हो जाती हैं। लकड़ी की चिराई और लोडिंग-अनलोडिंग के दौरान होने वाला शोर ध्वनि प्रदूषण के निर्धारित मानकों से कहीं अधिक है। इससे न केवल ध्वनि प्रदूषण हो रहा है, बल्कि लकड़ी के बुरादे से वायु प्रदूषण की समस्या भी पैदा हो रही है।
बीमार और बुजुर्गों पर सबसे ज्यादा असर
क्षेत्र के नागरिकों ने बताया कि मशीनों की गूंज इतनी तेज होती है कि घरों के भीतर सामान्य बातचीत करना भी मुश्किल हो जाता है।
- स्वास्थ्य पर असर: लगातार शोर के कारण स्थानीय लोगों में सिरदर्द, बहरापन और चिड़चिड़ापन बढ़ रहा है।
- बच्चों की पढ़ाई: स्कूल जाने वाले छात्र शोर के कारण घर पर एकाग्रता के साथ पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं।
नियमों का खुला उल्लंघन
नियमों के मुताबिक, रिहायशी इलाकों में शोर की एक निश्चित सीमा (डेसिबल) तय है। लेकिन वार्ड 11 के इस लकड़ी टाल क्षेत्र में इन नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग इस ओर ध्यान देने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं।












