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विठ्ल मंदिर में प्रात:काल हो रही पूजा अर्चना, धनतेरस पर हुई विशेष पूजा एवं आरती।

महिलाएं पूजन अर्चन कर सुन रही कार्तिक मास की कथा।

विठ्ल मंदिर में प्रात:काल हो रही पूजा अर्चना, धनतेरस पर हुई विशेष पूजा एवं आरती।

महिलाएं पूजन अर्चन कर सुन रही कार्तिक मास की कथा।

खंडवा। आध्यात्मिक ऊर्जा एवं शारीरिक शक्ति संग्रह करने में कार्तिक मास का विशेष महत्व है। इसमें सूर्य की किरणों एवं चन्द्र किरणों का पृथ्वी पर पड़ने वाला प्रभाव मनुष्य के मन मस्तिष्क को स्वस्थ रखता है। इसीलिए कार्तिक में सुबह उठकर स्नान करना भगवान् का स्मरण करना शुभ माना गया है। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि खंडवा के प्राचीन विठ्ल मंदिर में भी रोज़ सुबह 6 बजे से कई महिलाएं व भक्त काकड़ा आरती के लिये आते है, काकड़ा आरती के बाद भगवान के भजन कीर्तन होते हैं एवं भजन के बाद कार्तिक मास की कथा होती है। कार्तिक माह से तुलसी का महत्व – कार्तिक में तुलसी की पूजा की जाती हैं और तुलसी के कार्तिक में भजन – कार्तिक माह में श्रद्धालु मंदिरों में भजन करते हैं। कार्तिक माह में कई तरह के नियमों का पालन किया जाता है, जिससे मनुष्य के जीवन में त्याग एवं संयम के भाव उत्पन्न होते हैं। श्री विट्ठल मंदिर कार्तिक मास में प्रातः स्न्नान एवम पुजा का बहुत महत्व होता है। कार्तिक मास के महत्व एवम दीपावली के पर्व दौरान सैकड़ो श्रुधालु प्रातः 5 बजे से विट्ठल मंदिर पहुँचकर काकड़ा आरती में उपस्थित हो रहे है। एवम कार्तिक मास की पोथी का श्रवण कर रहै है। मंदिर में आरती उपरान्त महिला मंडल द्वारा भगवान के भजन किये जा रहे है। दीपावली महोत्सव पर मंदिर व्यवस्थापक राम श्याम आष्टेकर परिवार द्वारा भगवान विट्ठल माता रुक्मणी का बहुत सुंदर श्रृंगार किया गया है। शनिवार धनतेरस पर सैकड़ो भंक्तो ने मंदिर में पहुँचकर काकड़ा आरती कर कार्तिक मास की पोथी का श्रवण किया।

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