
वीर प्रभु का जन्म वांचन मना धूमधाम से





बडौद. पर्वाधिराज पर्युषण के दिनों में आगम कल्पसुत्र के वांचन में वीर प्रभु परमात्मा श्री महावीर स्वामी का जन्म वांचन महोत्सव धूमधाम से परम पूज्य साध्वीवर्या ब्राह्मी-सुंदरी श्रीजी महाराज साहब के सानिध्य में संपन्न हुआ. श्री आनंद चंद्र जैन आराधना भवन बडौद में दोपहर 2 बजे जन्म वांचन महोत्सव प्रारंभ हुआ. सर्व प्रथम परमात्मा के मुनिम बनने का लाभ श्री अशोक कुमारजी शांतिलालजी कुंडलबोहरा परिवार द्वारा लिया गया.
पूज्य श्री ने बताया कि वीर प्रभु जब अपनी माता की कुक्षी में आये तो देवताओं द्वारा धन-धान के भंडार भर दिये, सभी संपदा की वृद्धि होने लगी, इसी के चलते प्रभु के जन्म उपरांत वर्धमान नाम रखा गया.
चौदह स्वन्न, अष्ट मंगल, कल्प वृक्ष प्रतिकों, शासन देवी को सिर पर धारण करने की बोलियां लगाई गयी.ट्रस्टी ललित जै. राजावत ने बताया कि कल्पवृक्ष का लाभ श्री ज्ञानचंदजी बसंतीलालजी चौधरी, शासन देवी का लाभ श्री चांदमलजी पन्नालालजी चंद्रावत, परमात्मा महावीर को पलने में झुलाने का लाभ श्री सागरमलजी भुवानीलालजी जैन इंदौख के द्वारा लिया गया. साधर्मिक भक्ति का लाभ नवरत्न परिवार के द्वारा लिया गया.











