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*भारतीय जनता पार्टी की विधायक, पूर्व मंत्री एवं प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती अर्चना चिटनीस ने स्वान बंध्याकरण को लेकर दी प्रतिक्रिया*

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*भारतीय जनता पार्टी की विधायक, पूर्व मंत्री एवं प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती अर्चना चिटनीस ने स्वान बंध्याकरण को लेकर दी प्रतिक्रिया*
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*- स्वान बंध्याकरण प्रक्रिया को लेकर लगाए गए आरोप निराधार*

*- वर्ष 2022 से संचालित है स्वान बंध्याकरण केंद्र, नियमों के तहत होती है पूरी प्रक्रिया*श्रीमती अर्चना चिटनीस*

खंडवा। नगर पालिका निगम खंडवा द्वारा संचालित स्वान बंध्याकरण केंद्र को लेकर लगाए जा रहे आरोप को लेकर भारतीय जनता पार्टी की विधायक, पूर्व मंत्री एवं प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती अर्चना चिटनीस ने कहा कि खंडवा नगर पालिक निगम द्वारा संचालित स्वान बंध्याकरण केंद्र को लेकर लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह निराधार और तथ्यों से परे हैं। निगम द्वारा उपलब्ध कराए गए अभिलेखों के अनुसार केंद्र में वर्ष 2022 से पशु जन्म नियंत्रण नियम 2023 एवं शासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप स्वान बंध्याकरण एवं टीकाकरण की प्रक्रिया विधिवत संचालित की जा रही है। वर्ष 2022 से अब तक कुल 9,391 स्वानों का बंध्याकरण किया गया है तथा उपलब्ध अभिलेखों में इस प्रक्रिया के दौरान शून्य मृत्यु दर्ज है। उन्होंने बताया कि वर्षवार आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022 में 1,686, वर्ष 2023 में 440, वर्ष 2024 में 3,651, वर्ष 2025 में 2,387 तथा वर्ष 2026 में अब तक 1,623 स्वानों का बंध्याकरण किया गया है। इससे स्पष्ट है कि पूरी प्रक्रिया निरंतर और निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित हो रही है।
*ई-निविदा के माध्यम से अधिकृत एजेंसी का चयन*

प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल एमआईसी सदस्य सोमनाथ कल राजेश यादव ने निगम में विपक्ष के नेता के आरोप को निराधार बताया। पूर्व मंत्री एवं प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती अर्चना चिटनीस ने कहा कि स्वान बंध्याकरण कार्य के लिए नगर निगम द्वारा नियमानुसार ई-निविदा जारी की जाती है। निर्धारित पात्रता पूरी करने वाली तथा भारतीय पशु कल्याण बोर्ड से मान्यता प्राप्त एजेंसियां ही निविदा प्रक्रिया में भाग लेती हैं। पात्र निविदाकारों में न्यूनतम दर प्रस्तुत करने वाली एजेंसी को नियमानुसार कार्य सौंपा जाता है। इसलिए किसी भी प्रकार की अनियमितता या मनमाने ढंग से एजेंसी चयन के आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।
*विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की निगरानी में होती है प्रक्रिया*
पूर्व मंत्री एवं प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती अर्चना चिटनीस ने कहा कि डॉग स्क्वाड द्वारा विभिन्न क्षेत्रों से स्वानों को निर्धारित केंद्र पर लाया जाता है। बंध्याकरण की पूरी प्रक्रिया विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की उपस्थिति एवं निगरानी में संपन्न होती है। डॉ. अक्षय निगम एवं डॉ. नवीन तिवारी, वरिष्ठ पशु चिकित्सा शल्यज्ञ, सहित अधिकृत वरिष्ठ पशु चिकित्सा शल्यज्ञों की विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध रहती हैं। ऑपरेशन के बाद स्वानों को लगभग चार दिनों तक पोस्ट-ऑपरेटिव केयर में रखा जाता है। इस दौरान उन्हें दोनों समय निर्धारित डाइट के अनुसार भोजन दिया जाता है तथा आवश्यक चिकित्सा एवं देखभाल उपलब्ध कराई जाती है, ताकि वे पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद ही अपने निर्धारित क्षेत्र में छोड़े जा सकें।
*बंध्याकरण के बाद पहचान और निस्तारण की प्रक्रिया भी पारदर्शी*
पूर्व मंत्री एवं प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती अर्चना चिटनीस ने कहा कि बंध्याकरण के दौरान प्रत्येक स्वान के कान पर पहचान चिह्न लगाया जाता है, जिससे उसकी पहचान सुनिश्चित की जा सके। ऑपरेशन के दौरान निकाले गए अंगों की पशु निगरानी समिति के समक्ष गिनती की जाती है तथा इंक लगाकर नियमानुसार नष्टीकरण एवं निस्तारण की कार्रवाई की जाती है। यह प्रक्रिया अधिकृत वरिष्ठ पशु चिकित्सा शल्यज्ञ, नगर निगम के जोन प्रभारी एवं पशु प्रेमी की उपस्थिति में संपन्न होती है। उन्होंने कहा कि स्वान बंध्याकरण एवं टीकाकरण जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया का उद्देश्य शहर में आवारा स्वानों की संख्या को नियंत्रित करने के साथ ही रेबीज जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम करना है। उपलब्ध अभिलेखों, विशेषज्ञों की निगरानी और निर्धारित नियमों के तहत संचालित पूरी प्रक्रिया यह स्पष्ट करती है कि स्वान बंध्याकरण केंद्र को लेकर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। श्रीमती चिटनीस ने कहा कि जनहित से जुड़े विषयों पर तथ्यात्मक जानकारी के आधार पर ही किसी प्रकार की टिप्पणी की जानी चाहिए। बिना तथ्यों की पुष्टि किए लगाए गए आरोप न केवल संबंधित संस्थाओं और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर अनावश्यक प्रश्नचिह्न लगाते हैं, बल्कि जनमानस में भी भ्रम की स्थिति पैदा करते हैं।

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