
चौपारण। भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र एवं माता सुभद्रा का तीन दिवसीय श्री जगन्नाथ महापर्व शनिवार को बहुड़ा (वापसी) रथयात्रा के साथ श्रद्धा, भक्ति और उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हो गया। शनिवार बीघा स्थित मौसीबाड़ी से भगवान श्री जगन्नाथ, बलभद्र एवं माता सुभद्रा विधि-विधान के साथ रथ पर सवार होकर अपने मूल धाम सियरकोनी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर के लिए रवाना हुए। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा, आरती और जय जगन्नाथ के जयघोष के साथ भगवान का स्वागत किया।
गौरतलब है कि गुरुवार को भगवान श्री जगन्नाथ भव्य रथयात्रा के साथ सियरकोनी स्थित श्री जगन्नाथ धाम से मौसीबाड़ी पहुंचे थे। शुक्रवार को विशेष पूजा-अर्चना, नरसिंह हवन, हरिनाम संकीर्तन तथा ओडिशा से आए कलाकारों की सांस्कृतिक एवं भक्ति प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। तीनों दिनों तक हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही और बहुड़ा रथयात्रा के दौरान भी श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर रहा।
महापर्व को शांतिपूर्ण एवं सफल बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। अनुमंडल पदाधिकारी जोहान टुडू, अंचलाधिकारी संजय कुमार यादव एवं थाना प्रभारी पंकज कुमार स्वयं रथयात्रा के साथ चलकर सुरक्षा, यातायात एवं भीड़ प्रबंधन की निगरानी करते रहे।
आयोजन समिति के अध्यक्ष हरिश्चंद्र सिंह, सचिव राजदेव यादव, संयोजक अभिषेक सिंह, संरक्षक मुखिया बिनोद सिंह सहित सभी पदाधिकारियों एवं स्वयंसेवकों ने रथ संचालन, महाप्रसाद वितरण, पेयजल और श्रद्धालुओं की सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था की। बहुड़ा रथयात्रा के साथ भगवान श्री जगन्नाथ के अपने धाम लौटने पर श्रद्धालुओं ने भावभीनी विदाई दी और अगले वर्ष पुनः इसी उत्साह एवं भक्ति के साथ महापर्व में शामिल होने का संकल्प लिया। तीन दिनों तक चला यह आयोजन चौपारण की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रतीक बनकर संपन्न हुआ।













