
चौपारण।प्रखंड की बहेरा पंचायत के महूदी गांव में जीटी रोड निर्माण कार्य के दौरान कथित लापरवाही से स्थानीय ग्रामीणों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। जीटी रोड के किनारे बसे बहेरा पंचायत के महूदी, जोकट और बारा गांव के करीब 300 घरों के बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक आवागमन की समस्या से जूझ रहे हैं। निर्माण कार्य के कारण कई घरों के सामने रास्ता बाधित हो गया है, जिससे लोगों का घर से निकलना तक मुश्किल हो गया है।बहेरा पंचायत की मुखिया पूजा कुमारी ने निर्माण कार्य की बदहाल स्थिति का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए संबंधित एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य के दौरान ग्रामीणों की सुविधा और सुरक्षित आवागमन का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा जा रहा है। बारिश होने पर निर्माण स्थल और आसपास के रास्तों में कीचड़ जमा हो जाता है, जिससे लोगों को घर से बाहर निकलने में परेशानी होती है। वहीं, धूप निकलने के बाद सड़क निर्माण के कारण उड़ने वाली धूल-गर्दा से लोगों का जीना मुश्किल हो जाता है।मुखिया ने कहा कि निर्माण कार्य की धीमी गति और मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण जीटी रोड के किनारे रहने वाले ग्रामीणों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। बच्चों को स्कूल जाने, बुजुर्गों को आने-जाने तथा मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर सड़क की खुदाई और निर्माण सामग्री के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।वैकल्पिक रास्ते और सुरक्षा व्यवस्था की मांग
मुखिया पूजा कुमारी ने कहा कि निर्माण एजेंसी को काम के दौरान ग्रामीणों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग, जल निकासी और धूल से बचाव की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन और एनएचएआई से मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए निर्माण कार्य की स्थिति की जांच कराने तथा ग्रामीणों के आवागमन को सुगम बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि विकास कार्य जरूरी है, लेकिन इसके कारण आम लोगों का जीवन असुविधाजनक नहीं होना चाहिए। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर समस्या का स्थायी समाधान कराने की अपील की है।













