
धूमधाम भक्तिभाव मंत्रोचार से हुआ नूतन जिनालय का शिला पूजन
बडौद. नगर बडौद में जैन धर्म के अनुयायियों के लिए अपूर्व दिवस था.
लगभग दौ हजार वर्ष से अधिक प्राचीन तीर्थंकर परमात्मा श्री मनमोहन पार्श्वनाथ का नवीन पार्श्व वल्लभ शैली मंदिर के निर्माण की शिलान्यास पूजन नगर बडौद हर्षोल्लास, भावभक्ति से परिपूर्ण हुआ.
मालवा का ऐतिहासिक मंदिर निर्माण की नीव आज सकल समाज की उपस्थिति में रखी गयी.
परम पूज्य आचार्य भगवंत श्री विश्वरत्नसागरसूरीजी महाराज साहेब, साध्वी सौम्ययशा श्रीजी एवं साध्वी दिव्ययशा श्रीजी महाराज साहेब के सानिध्य एवं जिनालय प्रेरक समस्त महाजन के मेनेजिंग ट्रस्टी गिरीश भाई शाह की उपस्थिति में शनिवार को श्री आनंदचंद्र जैन आराधना भवन में मुल नायक परमात्मा श्री मनमोहन पार्श्वनाथ की शिला स्थापना का लाभ गिरीशभाई जयंतिलालजी शाह मुंबई, श्री मुनिसुवत्र स्वामी शिला स्थापना का लाभ श्रीमती रुकमाबेन मांगीलालजी घुघरिया, श्री नेमीनाथ परमात्मा शिला स्थापना का लाभ नंदलालजी भेरुलालजी नलवाया, श्रीमती धापुबेन जगन्नाथजी नवलखा ने संयुक्त रुप से लिया जाकर स्थापना की. 24 अन्य शिला लाभार्थियों द्वारा स्थापित की गयी. इस पावन अवसर पर रामद्वारा संप्रदाय के संत श्री शंभू राम जी महाराज भी उस्थित रहे. विधिकारक अरविन्द भाई चौरडिया ने विधिविधान से कुंभ स्थापना, पाटला पूजन, अष्ट प्रकार पूजन करवाकर विधान संपन्न करवाया. युवा संगीतकार त्रिलोक भाई मोदी अहमदाबाद ने मधुर गीतों से माहौल को धर्ममय बनाया. ट्रस्टी ललित जै. राजावत ने बताया की अन्य 24 शिला स्थापना के लाभार्थियों द्वारा भी विधि विधान से शिला पूजन कर लाभ लिया. नवकारसी का लाभ श्रीमती रुकमाबेन मांगीलालजी घुघरिया एवं स्वामीवात्सल्य का लाभ श्री ज्ञानचंजी बसंतीलालजी चौधरी परिवार ने लिया. नवरत्न परिवार, विहार सेवा ग्रुप ने त्रि दिवसीय महोत्सव में अपनी सेवा दी.
इस अपूर्व अवसर पर डग, चौमहला, नागेश्वर, दुधालिया, आगर, पिपलोन, तनोडिया, भुवानीमंडी, उज्जैन, इंदौर मुंबई, बोलिया, आवर सहित संपूर्ण मालवा से धर्म अनुयायी उपस्थित रहे.
समाज के वरिष्ठ नंदलालजी नरवाया, कन्हैयालालजी नौलखा, कैलाशचंदजी घुघरिया, नेमींदजी हंसगोता, अजित कुंडलबोहरा, संतोष जैन, भागचंद कंठाली, अशोक कंठाली, विजय कुंडलबोहरा, प्रकाश नाहर, कैलाश चौधरी, प्रकाश तलेरा, पंकज पिछोलिया, विजय संघवी, नवीन कुंडलबोहरा, पियुष हंसगोता, दिलखुश जैन, गौतम नरवाया, शिखर जैन, शीतल घुघरिया, अभय कुंडलबोहरा, पारसजी नरवाया सहित हजारों भक्त उपस्थित रहे.







