ताज़ा ख़बरें

*13 वर्षीय रचित मेहता ने सिर्फ गर्म जल पर पूर्ण किये 9 दिवसीय उपवास के कठोर तप*

खास खबर

*13 वर्षीय रचित मेहता ने सिर्फ गर्म जल पर पूर्ण किये 9 दिवसीय उपवास के कठोर तप*

*श्वेतांबर जैन संगठनों ने बाल तपस्वी रचित का किया बहुमान*

*खंडवा में महासतियों के सानिध्य में बह रही धर्मगंगा*

*खंडवा।* धार्मिक नगरी खंडवा में टपाल चाल जैन स्थानक महावीर भवन में जैन साध्वियों का चातुर्मास चल रहा है ।इस दौरान प्रवचन ,धार्मिक क्लासेस और तपस्या का दौर जारी है ।इसी तारतम्य में खंडवा शहर का बाल तपस्वी रचित मेहता (नवकार परिवार ) द्वारा बाल्यावस्था 13 साल की कम उम्र में सिर्फ गर्म जल पर 9 दिन के उपवास कर धर्म आराधना की गई। समाज के प्रचार मंत्री चंद्र कुमार सांड और गौरव जैन ने बताया कि गुरुवार को जैन स्थानक भवन में रचित के गुरुवार को 9 उपवास के प्रत्याखान हुए। इस दौरान जैन समाज के मनसुख भंडारी ,अभय चोपड़ा, श्रीमती कीर्ति मेहता एवं जय श्री मेहता द्वारा बाल तपस्वी के की अनुमोदना में प्रेरणादायीं उद्बोधन दिए ।श्वेतांबर जैन श्रावक संघ, त्रिशला बहु मंडल , गुरुकृपा बहू मंडल, आनंद नगर महिला मंडल, जैन पाठशाला के सदस्यों और गणमान्य जनों के द्वारा बाल तपस्वी रचित मेहता का नवकार नगर स्थित अक्षत्र गार्डन में गरिमामय कार्यक्रम में मोतियों की माला ,प्रशस्ति पत्र , चांदी सिक्के आदि से बहुमान किया गया । कार्यक्रम का संचालन अध्यक्ष विकास बोथरा द्वारा किया गया।
श्वेतांबर जैन श्रावक संघ एवं नवयुवक मंडल के प्रचार मंत्री चंद्र कुमार सांड और गौरव जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में महावीर भवन खंडवा में चातुर्मास हेतु विराजित पूज्य महासतियों अमिता श्री जी के पावन सानिध्य में प्रतिदिन धर्मगंगा बह रही है। पूज्य महासतियों की प्रेरणा से ही सामाजिक बंधु/भगिनी त्याग, तपस्या और आत्म/साधना के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।
*साधकों ने रच दिया श्रद्धा का इतिहास*
इसी तपस्या की श्रृंखला में रचित मेहता के 9 उपवास के साथ-साथ कीर्ति प्रदीप मेहता ने 10 उपवास, रमित सेठ ने 9 उपवास तथा ऋषिका भविष्य बरडिया ने 6 उपवास की कठिन तपस्या सफलतापूर्वक पूर्ण की है। इनके अलावा भी कई अन्य श्रद्धालुओं की तपस्याएं पूर्ण हुई हैं।
*नई पीढ़ी को मिली अनुशासन की प्रेरणा*
अल्पायु में कठोर तप करने वाले बाल तपस्वी रचित मेहता की इस साधना को आत्मसंयम, त्याग और धर्म आराधना का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है। समाज के वरिष्ठों व प्रबुद्धजनों ने उनकी तपश्चर्या की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए इसे नई पीढ़ी के लिए संस्कार और अनुशासन की मिसाल बताया। इस पावन अवसर पर श्री पुखराज मांगीलाल जी मेहता एवं समस्त मेहता परिवार (नवकार वाले) की प्रेरणा से बाल तपस्वी ने संतो के सानिध्य में लगातार उपवास किए है।

Show More
Back to top button
error: Content is protected !!