
ओंकारेश्वर में पंडित अरुण त्रिवेदी को नम आंखों से अंतिम विदाई, बड़ी संख्या में उमड़ा जनसैलाब।
खंडवा।ओंकारेश्वर। पंडित अरुण त्रिवेदी के आकस्मिक निधन से क्षेत्र में शोक की लहर छा गई। वे पंचमुखी गणेश मंदिर के पुजारी के रूप में वर्षों से श्रद्धालुओं की सेवा में समर्पित रहे और अपनी सादगी, धर्मनिष्ठा एवं सामाजिक सक्रियता के लिए जाने जाते थे। समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश की सुन्दरलाल पटवा सरकार के समय ओंकारेश्वर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद पर रहते हुए उन्होंने क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। भारतीय जनता पार्टी के प्रारंभिक दौर के मजबूत स्तंभ के रूप में संगठन को सशक्त बनाने में उनकी भूमिका सदैव अविस्मरणीय रहेगी।
शनिवार को शाम 5 बजे उनकी अंतिम यात्रा ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर के नीचे स्थित निज निवास से प्रारंभ हुई, जो माँ नर्मदा के उत्तर तट स्थित मुक्तिधाम तक पहुंची। यहां पार्थिव शरीर का नर्मदा जल से स्नान कराकर विधि-विधानपूर्वक अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि ज्येष्ठ पुत्र नीलेश त्रिवेदी ने दी। वें ओम्कारेश्वर के वरिष्ठ पत्रकार मनोज त्रिवेदी के पिता थे। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में परिजन, समाजजन, पत्रकार एवं गणमान्य नागरिक शामिल हुए। पूरे मार्ग में लोगों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अंतिम विदाई दी।
पंडित अरुण त्रिवेदी के निधन से सामाजिक, धार्मिक एवं राजनीतिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है। उनका सरल स्वभाव, समाजसेवा के प्रति समर्पण और कार्यकर्ताओं के प्रति आत्मीयता सदैव सभी के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी। अंतयेष्ठी मे वरिष्ठ पंडित अनिल दुबे जी मंगलसिंह ठाकुर, पंडित भोमेश्वर दीक्षित, दीपक जोशी, लीलाधर खंडेलवाल, राजेश चौहान, प्रदीप ठाकुर सहित ओम्कारेश्वर क्षेत्र के वरिष्ठ जनों नें श्रद्धांजलि दी।









