
*पत्रकारिता पेशा नहीं, समाज को दिशा देने का संकल्प है-डा.निवारिया*
खंडवा। पंडित जुगल किशोर शुक्ल द्वारा वर्ष 1826 में भारत का पहला हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र ‘उदंत मार्तंड’ कोलकाता से प्रकाशित किया गया था इस से प्रेरित होकर हिंदी पत्रकारिता दिवस मनाया जाता है। विचारों की स्वतंत्रता, कलम की ईमानदारी और जनता के प्रति जवाबदेही ही पत्रकारिता की असली पहचान है। समस्त पत्रकार बंधुओं को हिंदी पत्रकारिता दिवस की बधाई। यह बात हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर सदभावना मंच कार्यालय में उपस्थित मंच सदस्यों को संबोधित करते हुए दादा माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय कर्मवीर पीठ खंडवा केम्पस प्राचार्य डॉ. मनोज निवारिया ने कही। यह जानकारी देते हुए मंच के निर्मल मंगवानी ने बताया कि इस मौके पर मंच संस्थापक प्रमोद जैन ने कहा कि यह दिन भारतीय समाज को जागरूक करने, सच को सामने लाने और निष्पक्षता से अपनी कलम चलाने वाले सभी पत्रकारों के योगदान को सराहने का एक विशेष अवसर है। कलम की ताकत, समाज की आवाज़ है, जोकि समाज को जागरूक कर लोकत्रंत को सशक्त बनाती है। इस अवसर पर मंच संस्थापक प्रमोद जैन, पूर्व डीएसपी आनंदपाल तोमर, केबी मनसारे, गणेश भावसार, ओम पिल्लै, डॉ. जगदीशचंद्र चौरे, देवेंद्र जैन, डॉ. एमएम कुरैशी, अनूप शर्मा, राधेश्याम शाक्य, निर्मल मंगवानी, सुभाष मीणा, नदीम रायल, कैंलाश पटेल आदि मंच सदस्यों ने विचार रखें।











