
संस्कार नगरी खंडवा में जैन धर्म का सबसे बड़ा धार्मिक अनुष्ठान पंचकल्याणक महोत्सव उत्साह के साथ चल रहा है।

सरस्वती के लिए साधना एवं लक्ष्मी के लिए मेहनत करना पड़ती है, “मुनि श्री आदित्य सागर”
पंचकल्याणक के जन्म कल्याण के अवसर पर आज निकलेगी विशाल शोभा यात्रा।
खंडवा। जैन धर्म का सबसे बड़ा धार्मिक अनुष्ठान पंचकल्याणक महामहोत्सव इन दिनों दादाजी की संस्कार नगरी खंडवा में धार्मिक उत्साह के साथ आयोजित हो रहा है। देश के महान संत आदित्य सागर जी महाराज के ससंध सानिध्य में अयोध्या नगरी तापडिया बिजनेस पार्क में विशाल पांडाल में प्रतिष्ठाचार्य पीयूष जी जैन के मार्गदर्शन एवं संगीतकार मनीष जैन के भजनों में धार्मिक क्रियायो के साथ पंचकल्याणक महोत्सव चल रहा है। समाज के सचिव सुनील जैन ने बताया कि बजरंग चौक स्थित महावीर दिगम्बर जैन मंदिर में संगमरमर की मुनिसुव्रत नाथ एवं भारत भगवान की प्रतिमा के साथ अष्टधातु की आदिनाथ भगवान एवं रत्नजडित गौतम गणधर स्वामी की प्रतिमाओं का पंचकल्याणक महोत्सव 11 अप्रैल से 16 अप्रैल के मध्य चल रहा है। पंचकल्याणक महोत्सव के माध्यम से पांच दिनों की धार्मिक क्रियो के अंतर्गत यह पाषाण की प्रतिमाएं परमात्मा का रूप लेती है। शनिवार एवं रविवार को पंचकल्याणक महोत्सव में गर्भकल्याणक की क्रियाएं संपन्न हुई। प्रतिदिन 10 से 12 घंटे धार्मिक क्रियाएं चल रही है जैन पंचकल्याणक (विशेषकर गर्भ कल्याणक) में तीर्थंकर माता द्वारा देखे जाने वाले सोलह स्वप्न एक महान तीर्थंकर के अवतरण की पूर्व सूचना हैं। ये स्वप्न बालक के भावी आध्यात्मिक बल, ज्ञान, और त्रिलोक पूज्य होने का संकेत देते हैं, जो माता-पिता की प्रसन्नता और आगामी कल्याणक महोत्सव के आगमन को दर्शाते हैं। ये स्वप्न गर्भ में एक अत्यंत पुण्यशाली और आध्यात्मिक रूप से शक्तिशाली आत्मा के आगमन का सूचक हैं। इन स्वप्नों के माध्यम से यह सुनिश्चित होता है कि आने वाला बालक संसार को मोक्ष मार्ग दिखाएगा और तीनों लोकों में पूजनीय होगा।प्रतिष्ठा महोत्सव में इन सपनों का विशेष रूप से चित्रण और वर्णन बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच इंद्र दरबार में बड़ी स्क्रीन के माध्यम से प्रदर्शित किया गया, जो भक्तों में भक्ति भाव जाग्रत करता है।ये स्वप्न तीर्थंकर की आत्मा की पवित्रता,उनका सामर्थ्य और उनके द्वारा होने वाले कल्याणकारी कार्यों का प्रतीक हैं। सचिव सुनील जैन ने बताया कि खंडवा में विराजमान आदित्य सागर जी महाराज के द्वारा 20 से अधिक पंचकल्याणक आयोजित किया जा चुके हैं। रविवार को प्रवचन देते हुए मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज ने कहा कि पांच दिनों तक चलने वाले इस पंचकल्याणक महोत्सव में उपस्थित होकर इन धार्मिक क्रियायो का आनंद लेकर हम हमारे पापों को नष्ट कर पुण्य की प्राप्ति कर सकते हैं। बड़े सौभाग्य से हमें यह अवसर प्राप्त होते हैं। ।मुनिश्री ने कहा कि सरस्वती के लिए साधना एवं लक्ष्मी के लिए मेहनत करना पड़ती है जब आपके सरस्वती आएगी तो लक्ष्मी पुत्र भी आपके आगे हाथ जोड़ते हमेशा मिलेंगे।आपकी संकल्प शक्ति के आगे सब चीज बौनी है,यदि आपका संकल्प गहरा है तो विश्व की कोई भी शक्ति आपको पीछे नहीं हटा सकती,संकल्प शक्ति बनाए रखना आपका जीवन उत्सव निश्चित बनेगा। भगवान आदिनाथ ने संकल्प शक्ति के कारण ही तीर्थंकर की पदवी प्राप्त की थी,उम्र मायने नही रखती है संकल्प शक्ति और जोश मायने रखता है वह कभी आपके पास है तो आप कोई भी कठिन से कठिन कार्य आसानी से कर सकते हैं, जिसने कम उम्र से कैरियर शुरू किया है उनमें संकल्प शक्ति है तो वही आगे बढ़ सकता है,डिग्रियां तो आप बहुत खरीद लोगे पर चारित्र तो संकल्प शक्ति से ही आएगा, सरस्वती के लिए साधना और लक्ष्मी के लिए मेहनत करना पड़ती है,जब आपमें सरस्वती आएगी तो, लक्ष्मी पुत्र भी आपके हाथ जोड़ते हुए हमेशा मिलेंगे। इस अवसर पर पूर्व विधायक राजनारायण सिंह ने मुनि श्री को श्रीफल भेंटकर आशीर्वाद प्राप्त किया। समिति के प्रचार मंत्री सुनील जैन प्रेमांशु जैन पंकज सेठी ने बताया कि रविवार को मुनि श्री के पाद पक्षालन एवं जिनवाणी भेंट करने का सौभाग्य आलोक सेठी एवं रमेश रावका परिवार को प्राप्त हुआ । श्रीजी की आरती करने का सौभाग्य अरुण जैन परिवार को प्राप्त हुआ। जैन धर्म में पंचकल्याण के पांचो दिन महत्वपूर्ण है लेकिन विशेष रूप से भगवान का जन्म कल्याणक अद्भुत महोत्सव जब भगवान जन्म लेते हैं। सोमवार को भगवान का जन्म कल्याणक महोत्सव आयोजित होगा प्रातः 5:00 बजे से धार्मिक क्रियायो के साथ प्रातः 9:00 बजे विशाल शोभा यात्रा अयोध्या नगरी तापड़िया गार्डन से बजरंग चौक स्थित जैन मंदिर, भगत सिंह चौक, मानसिंग मिल चौराहा, टाउन हॉल, नगर निगम, घंटाघर, मुंबई बाजार से तापडिया बिजनेस पार्क पहुंचेगी इस विशाल शोभा यात्रा में दो हाथी पर सौधर्म इंद्र इंद्राणी के रूप में संजय वंदना कासलीवाल, कुबेर इंद्र के रूप में सपना जितेंद्र लुहाड़िया के साथ अन्य इंद्र सवार होंगे। साथ ही शोभा यात्रा में घोड़े, बग्गी, बैंड बाजे, ढोलक एवं बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु मातृशक्ति और बच्चे शामिल होंगे। समाज के अध्यक्ष दिलीप पहाड़िया, वीरेंद्र जैन, विजय सेठी,पवन रावका, राजेन्द्र छाबडा,सुरेश लुहाड़िया,पंकज छाबडा,कैलाश पहाड़िया,विकास बड़जात्या, सचिव सुनील जैन ने सभी सामाजिक बंधओ से इस जन्म कल्याणक उत्सव के कार्यक्रम में शामिल होकर पुण्य प्राप्त करने का अनुरोध किया हें।कार्यक्रम का संचालन प्रदीप छाबडा ने किया एवं आभार सुनील जैन दिलीप पहाड़िया ने माना।













