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दुबौली में सम्राट अशोक जयंती समारोह संपन्न, बड़ी संख्या में लोग रहे उपस्थित

कुशीनगर जनपद के विधानसभा हाटा अंतर्गत ग्राम पंचायत दुबौली स्थित प्राथमिक विद्यालय परिसर में चक्रवर्ती सम्राट अशोक की जयंती के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा स्थानीय ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सम्राट अशोक को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

कुशीनगर जनपद के विधानसभा हाटा अंतर्गत ग्राम पंचायत दुबौली स्थित प्राथमिक विद्यालय परिसर में चक्रवर्ती सम्राट अशोक की जयंती के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा स्थानीय ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सम्राट अशोक को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हरिन्द्र कुमार गौतम रहे, जो पूर्व में झारखंड प्रदेश प्रभारी, गोरखपुर मंडल प्रभारी एवं कुशीनगर के पूर्व जिला अध्यक्ष रह चुके हैं। अपने संबोधन में उन्होंने सम्राट अशोक के जीवन, उनके आदर्शों तथा बौद्ध धर्म के प्रसार में उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सम्राट अशोक ने अहिंसा, शांति और मानवता का जो संदेश दिया, वह आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
विशिष्ट अतिथियों में डॉ. बृजभूषण सिंघानिया, डॉ. प्रेमचन्द्र गौतम, रामनिवास मास्टर, आरपी मौर्य, भभूति प्रसाद बौद्ध तथा जनाब रफीउद्दीन अंसारी प्रमुख रूप से शामिल रहे। सभी वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए सम्राट अशोक के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विधानसभा प्रभारी हाटा श्रीराम कुमार एवं राजमंगल भारती, विधानसभा महासचिव राजेन्द्र गौतम, प्रधानाचार्य राजाराम सिद्धार्थ, राम किशुन, शिव सागर, सीताराम, विजय फौजी, हरिलाल बौद्ध तथा मोहन कुमार सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान वक्ताओं ने शिक्षा, सामाजिक समरसता और बौद्ध विचारधारा के प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया। साथ ही समाज में भाईचारा, समानता और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं, जिन्होंने पूरे आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंत में सभी उपस्थित लोगों ने सम्राट अशोक के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
यह आयोजन क्षेत्र में सामाजिक जागरूकता और ऐतिहासिक विरासत के प्रति सम्मान का एक प्रेरणादायक उदाहरण साबित

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