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जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम भारत कृषक समाज ने दिया ज्ञापन

यू एस-इंडिया ट्रेड डील के प्रावधान भारत की अर्थव्यवस्था व भारतीय किसानों के विरुद्ध होने से निरस्त कराने की मांग की

जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम भारत कृषक समाज ने दिया ज्ञापन

यू एस-इंडिया ट्रेड डील के प्रावधान भारत की अर्थव्यवस्था व भारतीय किसानों के विरुद्ध होने से निरस्त कराने की मांग की

खंडवा/विगत दिनों अमरीका व भारत के मध्य हुआ व्यापार -करार एक तरफा अमेरिका के फायदे का है , संसद में चर्चा किए बिना हुए इस करार से भारतीय अर्थ व्यवस्था व मुख्य रूप से भारत के किसानों के साथ धोखा है और इससे भारतीय किसान बर्बाद हो जाएगा ।
भारत से अमेरिका भेजे जाने वाले उत्पादों पर अमरीका १८ प्रतिशत टैरिफ़ लगाएगा , जो विगत वर्षों में लग रहे टैरिफ़ दरों से लगभग ६ गुना अधिक है और अमेरिका से जो उत्पाद भारत आएगा उस भारत कोई टैरिफ़ नहीं लगाएगा , जीरो प्रतिशत टैरिफ़ ।
प्रेमांशु जैन ने बताया कि यू एस-इंडिया ट्रेड डील के प्रावधान भारत की अर्थ व्यवस्था व भारतीय किसानों के विरुद्ध होने से निरस्त कराने विषयक को लेकर भारतीय कृषक समाज जिला अध्यक्ष शंकर पटेल के नेतृत्व में 12 फरवरी गुरुवार को प्रतिनिधिमंडल ने कलक्ट्रेट खंडवा पहुचकर सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर को राष्ट्रपति महोदय के नाम ज्ञापन प्रेषित कर विरोध दर्ज कराया।ज्ञापन के माध्यम से कहा गया कि केंद्रीय कृषिमंत्री व व्यापार मंत्री गण कहते रहे हैं कि भारत का कृषि क्षेत्र पूर्णत: संरक्षित रहेगा , लेकिन भारत के किसानों के साथ धोखा हुआ है, सोयाबीन का आयात नहीं होगा लेकिन सोया तेल का आयात होगा , मक्का का आयात नहीं होगा लेकिन डेयरी में मक्के से बना केटल-फीड “डीडीजी “का आयात होगा । अमरीका व्यापार मंत्रालय ने घोषणा की है अमेरिका के कृषि क्षेत्र को भारत का बाजार जीरो प्रतिशत टैरिफ़ पर उपलब्ध होगा , जिससे अमेरिका के किसानों को लाभ मिलेगा और भारत का किसान बर्बाद हो जाएगा । अमेरिका में २ प्रतिशत लोग खेती करते हैं और औसत जोत ४५० एकड़ प्रति किसान है उस पर कृषि क्षेत्र को ६० प्रतिशत से अधिक सब्सिडी सरकार देती है , भारत में आज भी ५० प्रतिशत से अधिक आबादी खेती पर निर्भर है औसत जोत १ से १.५ एकड़ है और बजट का मात्र ३ प्रतिशत सब्सिडी सरकार कृषि क्षेत्र को देती है , इन विषम परिस्थितियों में भारत का किसान अमेरिका के किसानों से कैसे प्रतिस्पर्धा कर पाएगा ।अमेरिका का ५ वर्षों में ५०० बिलियन डॉलर अर्थात ४० लाख करोड़ का माल भारत भेजने का लक्ष्य हैं,जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था बुरी तरह चौपट होने की आशंका है ।
इस अवसर पर भारतीय कृषक समाज जिला अध्यक्ष शंकर पटेल,सुनील सकऱगाये, अर्ष पाठक, निर्मल गीते,अविनाश शुक्ला, मेहमूद खान,आलोक सिंह रावत सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

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