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श्री दत्त जयंती पूर्णिमा के दिन धार्मिक उत्साह के साथ श्री दत्त मंदिरों में मनाई गई।

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श्री दत्त जयंती पूर्णिमा के दिन धार्मिक उत्साह के साथ श्री दत्त मंदिरों में मनाई गई।

विट्ठल मंदिर एवं मालीकुआ स्थित श्री दत्त मंदिर में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर की पूजा अर्चना।

खंडवा।। श्री दत्त को दत्तात्रेय भगवान भी कहा जाता है। इन्हें त्रिदेव ब्रह्मा विष्णु महेश के अवतार के रूप में इन्हें माना जाता है। अगहन शुक्ल की पूर्णिमा के दिन श्री दत्त जयंती के साथ पूर्णिमा महोत्सव मनाया जाता है। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि श्री दत्त पूर्णिमा के अवसर पर खंडवा के प्राचीन विट्ठल मंदिर में सुबह प्रातः भगवान दत्त का अभिषेक आकर्षक श्रंगार हुआ एवं शाम 6:00 बजे मंदिर व्यवस्थापक पुजारी राम श्याम आष्टेकर परिवार द्वारा भजन कीर्तन एवं दत्त जन्म का व्याख्यान पढ़ा गया। शाम को आरती के पश्चात प्रसादी का वितरण किया गया। प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी 125 वर्ष प्राचीन मालीकुआ क्षेत्र में स्थित श्री दत्त मंदिर में श्री दत्त पूर्णिमा महोत्सव बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। भगवान का अभिषेक श्रंगार एवं श्री दत्त जयंती की महा आरती के साथ प्रसादी का वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पहुंचकर भगवान श्री दत्त के दर्शन कर पूजा अर्चना की। सुनील जैन ने बताया कि यह मंदिर 125 वर्षों से भी अधिक प्राचीन है जिसकी देखरेख एवं पूजा अर्चना नाईक परिवार द्वारा की जा रही है। श्री दत्त जयंती के अवसर पर नाईक परिवार, प्रकाश दादा, मजूमदार गुरुजी, मनोज कुलकर्णी, श्री नरेड़ीजी, राजेंद्र भैया द्वारा विशेष सेवा मंदिर में प्रदान की गई।

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