
पत्रकारों की आवाज़ बुलंद : श्रमजीवी पत्रकार संघ खण्डवा ने कलेक्टर को सौंपा 6 सूत्रीय स्मरण पत्र सौंपा

मुख्यमंत्री को याद दिलाई मुरैना महाधिवेशन की घोषणाएं, कहा – अब कार्रवाई का वक्त है
खण्डवा। प्रदेशभर के पत्रकारों ने मंगलवार को एकजुट होकर सरकार से अपने हक की मांग उठाई। मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ ने प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर एक साथ कलेक्टरों को 6 सूत्रीय स्मरण पत्र सौंपकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को उनकी ही घोषणाएं याद दिलाईं।
संघ के प्रांताध्यक्ष शलभ भदौरिया ने कहा कि मुरैना में हुए 25वें त्रिवर्षीय महाधिवेशन में मुख्यमंत्री ने पत्रकारों की समस्याओं पर चर्चा कर समाधान का वादा किया था, लेकिन छह माह बीत जाने के बाद भी उस पर कोई कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा – “पत्रकार समाज उम्मीद करता है कि सरकार अपने वादों को निभाए और पत्रकार हितों पर ठोस निर्णय ले।” वही श्रमजीवी पत्रकार संघ के अध्यक्ष मनीष गुप्ता के नेतृत्व में खंडवा के पत्रकारों ने स्थानीय कलेक्ट्रेट में स्मरण पत्र सोपा! इस अवसर पर पत्रकार साथी महासचिव का कन्हैया मंडलोई, संदीप शर्मा, नदीम रॉयल, नितिन , बाबू भाई, निषाद सिद्दीकी, गणेश भावसार, अनूप खुराना , अखिलेश ठाकुर, रहीम बाबा, गोविंद गीते, आदि पत्रकार साथी उपस्थित थे
6 सूत्रों में सिमटी पत्रकारों की मुख्य मांगें
1️⃣ प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून तत्काल लागू किया जाए।
2️⃣ भोपाल के मालवीय नगर स्थित पत्रकार भवन की भूमि पत्रकारों को वापस सौंपी जाए।
3️⃣ श्रद्धा निधि (पत्रकार पेंशन योजना) से अधिमान्यता की शर्त हटाकर इसे आजीवन लाभ के रूप में लागू किया जाए।
4️⃣ प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में पत्रकार भवनों के लिए निःशुल्क भूमि दी जाए।
5️⃣ पत्रकारों को टोल टैक्स मुक्त किया जाए तथा श्रमजीवी पत्रकार संघ के सदस्यता कार्ड को मान्यता मिले।
6️⃣ पत्रकार स्वास्थ्य बीमा योजना को निःशुल्क किया जाए ताकि हर पत्रकार इसका लाभ पा सके।
भदौरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं पत्रकारिता से जुड़े रहे हैं, इसलिए उन्हें पत्रकारों की चुनौतियों की गहरी समझ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार पत्रकारों के इस विश्वास को बनाए रखेगी और शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगी।











