
आज भी ईमानदारी जिंदा है खंडवा में किसान ने पेश की मानवता की मिसाल।
राजकुमार ने पैसे और गहनों से भरा मिला बैग उसके सही मालिक को वापस लौटाया।

ईमानदार किसान की समाजसेवी श्री जैन एवं पुलिस ने भी की तारीफ।
खंडवा।। सोने चांदी के तेजी से बढ़ते हुए भाव के बीच आज भी ईमानदारी जिंदा है, जिसकी एक मिसाल अतर निवासी एक किसान राजकुमार ने मानवता दिखाकर पुरी की। किसान को पैसे और गहनों से भरा बैग मिला था। जिसे किसान ने थाने में शिकायत दर्ज कराकर उसके सही मालिक को वापस लौटा दिया है। समाजसेवी सुनील जैन ने अतर निवासी राजकुमार और उसके दोस्तों को धन्यवाद देते हुए बताया की राजकुमार और राकेश पटेल ये दोनों किसान अपने काम के बाद अपने गांव लौट रहे थे। तभी रास्ते में तेलिया बाबा मंदिर के पास जंगल में उन्हें एक बेग पड़ा मिला, जब बेग को खोल कर देखा तो उसमें सोने के दो मंगलसूत्र, एक चांदी की चेन और नगद राशि थी। कुल मिलाकर पूरा सम्मान करीब दो लाख रुपए का था। ये देख दोनों किसानों ने खंडवा के सिटी कोतवाली थाने में इसकी सूचना दी, तो पता चला कि ये बैग हरदा निवासी समिता राठौर अमित राठौड़ नाम के युवक का था। जो अपने भाई सुमित राठौर के साथ ढेडतलाई जा रही थी। रास्ते में बेग गिर गया था। मिले दस्तावेजों के आधार पर फोन पर बताकर उन्हें थाने में बुलाकर बैग को सामान सहित सिटी कोतवाली एस आई श्री लोखंडे ने लिखा पढी करने के पश्चात पुलिस की मौजूदगी में लौटाया।
समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि अतर निवासी दोनों किसान राजकुमार और राकेश पटेल की लोग जमकर तारीफ कर रहे है। जहां एक और भाई–भाई रुपयों के लिए झगड़ रहे हैं। रिश्तो का कत्ल हो रहा है, वहां इस तरह पैसे और गहनों से भरा बैग लौटाकर सच में दोनों किसानों ने मानवता की एक मिसाल पेश की है। किसान राजकुमार ने बताया कि उन्हें यह बैग गांव जाते वक्त रास्ते में पड़ा मिला था, जिसे लेकर वह कोतवाली थाने आ गए। बैग में मिले दस्तावेजों से नंबर निकालकर अमित राठौर को फोन किया और बैग के बारे में पूछा। फिर अमित के थाने पहुंचने पर पुलिस के सामने उसका बैग लौटा दिया। बैग पाने के बाद अमित राठौर ने कहा कि मैं दोनों ही भाइयों को धन्यवाद देता हूं। झूठ, फरेब के इस दौर में आज भी ईमानदारी जिंदा है। ये बहुत खुशी की बात है, हम किस्मत वाले है जो हमें लाखो रुपए का सामान वापस मिला।













