उत्तर प्रदेशताज़ा ख़बरेंधार्मिकमेरठ

हस्तिनापुर की रामलीला में भावुक हुए दर्शक, श्री राम का ‘कन्यादान’ और कैकेयी का वरदान मांगने का मार्मिक चित्रण”

धर्मनगरी हस्तिनापुर के रामलीला मैदान में चल रहा प्रभु श्री राम की लीला मंचन आज (शुक्रवार) एक निर्णायक और भावुक पड़ाव पर पहुँचा। 26 सितंबर की संध्या का मंचन कई महत्वपूर्ण दृश्यों से सजा रहा, जिसे देखने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़े।

हस्तिनापुर की रामलीला में भावुक हुए दर्शक, श्री राम का ‘कन्यादान’ और कैकेयी का वरदान मांगने    का मार्मि          चित्रण”

त्रिलोक न्यूज़ विक्की हस्तिनापुर (उत्तर प्रदेश): धर्मनगरी हस्तिनापुर के रामलीला मैदान में चल रहा प्रभु श्री राम की लीला मंचन आज (शुक्रवार) एक निर्णायक और भावुक पड़ाव पर पहुँचा। 26 सितंबर की संध्या का मंचन कई महत्वपूर्ण दृश्यों से सजा रहा, जिसे देखने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़े।

श्री राम और माता सीता के ‘कन्यादान’ की पावन रस्म से हुई।

आज के मंचन की मुख्य झलकियाँ

मंचन की शुरुआत श्री राम और माता सीता के ‘कन्यादान’ की पावन रस्म से हुई। यह दृश्य अत्यंत भावुक और मनमोहक था, जिसने विवाह की पवित्रता और रस्मों को जीवंत कर दिया। इसके पश्चात, मंचन ने अयोध्या के राज-दरबार का रुख किया, जहाँ लीला ने एक बड़ा मोड़ लिया:

रामराज की घोषणा: राजा दशरथ द्वारा प्रभु श्री राम के राज्याभिषेक की घोषणा का चित्रण किया गया, जिससे पूरे नगर में उल्लास छा गया।

कैकेयी-मंथरा संवाद: खुशी के इस माहौल में, दासी मंथरा द्वारा महारानी कैकेयी को बहकाने का मार्मिक संवाद प्रस्तुत किया गया। यह दृश्य राम कथा के महत्वपूर्ण और निर्णायक मोड़ की शुरुआत बना।

कैकेयी-दशरथ संवाद: लीला का समापन सबसे मर्मभेदी दृश्य से हुआ, जब महारानी कैकेयी ने राजा दशरथ से अपने दो वरदान मांगे – भरत को राज और राम को चौदह वर्ष का वनवास। इस शक्तिशाली संवाद ने सभी दर्शकों को स्तब्ध कर दिया।

                        श्री रामलीला मंचन देखते हुए नगरवासी

मुख्य अतिथियों की उपस्थिति

आज के कन्यादान कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में एडवोकेट इकबाल सिंह जी और राजेंद्र जी उपस्थित रहे। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और रामलीला मंचन की भव्यता तथा कलाकारों के प्रदर्शन की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

 

रामलीला कमेटी ने सभी दर्शकों और अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए अगले दिन के मंचन में भी बड़ी संख्या में शामिल होने का आग्रह किया।


Show More
Back to top button
error: Content is protected !!