
त्रिलोक न्यूज़ मध्य प्रदेश सहायक प्रमुख प्रवीण कुमार दुबे 8839125553

बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव होने से मध्यप्रदेश में एक बार फिर बाढ़ जैसे हालात हैं। कैचमेंट एरिया और सीहोर जिले में बारिश होने के बाद भोपाल के बड़ा तालाब में पानी का लेवल 1666.50 फीट तक पहुंच गया। इसके चलते भदभदा डैम के गेट सीजन में पहली बार खुले हैं। शनिवार सुबह 10.35 बजे महापौर मालती राय ने पूजा की, फिर बांध के दो गेट खोल दिए गए। पानी निकासी के बाद इनमें से एक गेट बंद कर दिया गया है। फिलहाल, कुल 11 में से एक गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।
रायसेन में हलाली बांध के 3 गेट 2-2 मीटर तक खोले गए हैं। इनसे 451.89 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है।
शुक्रवार को इंदौर के अम्मार नगर, खजराना में नाले किनारे बना तीन मंजिला मकान ढह गया। राजगढ़, नीमच और उज्जैन में कारें पानी में बह गईं। एक युवक लापता है। वहीं, इंदिरा सागर समेत 5 डैम के गेट खोलने पड़े।
रतलाम में खाचरौद रोड पर कुछ परिवार बच्चों के साथ पानी के बीच फंस गए थे। एसडीईआरएफ की टीम ने देर रात सभी लोगों को रेस्क्यू किया।
12 जिलों में साढ़े 4 इंच तक बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक, शनिवार को इंदौर में हल्की बारिश का दौर रहेगा जबकि उज्जैन समेत 12 जिलों में भारी बारिश हो सकती है।
जिन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है, उनमें उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, झाबुआ, धार, शाजापुर, राजगढ़, गुना और श्योपुर शामिल हैं। यहां अगले 24 घंटे में ढाई से साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है।
मध्यप्रदेश में बारिश की तस्वीरें…



















