
लोकेशन :- पखांजूर // छत्तीसगढ़
रिपोर्ट :- बिजय माजूमदर
दिनांक :- 03/04/2025
विकासखंड कोयलीबेड़ा मुख्यालय से महज 25 किमी दूर प्रतापपुर छेत्र के अंतर्गत रामपुर के आश्रित ग्राम कलर टोला जो कि सरकारी विकास योजनाओं से कोसो दूर है पंचायतमुख्यालय तक सड़क न होने से लोगो को अपने दैनिक जीवन मे उपयोग होने बाले समान को लाने लेजाने में काफी मुसीबतो का सामना करना पड़ता है सड़क के ना होने से लोग पगडंडी के सहारे चलने को मजबूर हैं। इसके अलावा गांव में ना ही बिजली है ना ही कोई बच्चों का भविष्य यहां के ग्रामीण आज भी अंधेरे में ही रात गुजारने को मजबूर हैं। वैसे छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल ने दो साल पहले इस गांव में बिजली बहाली के लिए सर्वे किया था। लेकिन आज तक न तो बिजली खंबा लगा और न ही घरों में बिजली पहुंच गांव की आबादी लगभग 150 है। और सोचने बाली बात है कि इन्हें राशन के लिए भी काफी दूर घने जंगलों के बीच से कंधे में लाना पड़ता हैं और यहां कई ऐसे लोग है जिन्हें आधार कार्ड क्या होता है बो भी इन्हें पता नहीं गांव में काफी महिला है जिन्हें महतारी वंदना योजना क्या होता है उन्हें पता नहीं ना ही उन्हें कोई जानकारी देने आता है आजादी के 78 वर्ष बाद भी ऐसा स्थिति देखने को मिले सोचने बाली बात है आखिर सरकार किस विकाश की बड़े बड़े बादे करते है जमीनी हकीकत तो कुछ ओर है बारिश के समय किसी का अगर तबियत खराब हो तो उन्हें कंधे में ले जाना पड़ता है ग्रामीण सरकार से गुहार लगा रही हैं कि सरकार उनके गांव में स्कूल सड़क बिजली का व्यवस्था करें। ताकि बो भी समाज में खुल कर जी सके उनके परिवार एवं उनके बच्चों का भविष्य अच्छा हो