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एक एकड़ गन्ने के खेत में मात्र चार माह में सवा लाख का कद्दू – सहायक निदेशक

कुशीनगर / सुकरौली ,गन्ने के साथ सहफसली करके कृषकों की आय बढ़ाने तथा गन्ना शोध संस्थानों, कृषि विश्व विद्यालय, सब्जी अनुसंधान संस्थान द्वारा किए जा रहे शोध तकनीक को प्रयोगशाला से किसानों के खेत पर पहुँचाकर किसान की आय बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश गन्ना किसान संस्थान प्रक्षिक्षण केंद्र- पिपराइच गोरखपुर द्वारा विशेष प्रशिक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसका मार्गदर्शन निदेशक लाल बहादुर शास्त्री गन्ना किसान संस्थान लखनऊ के निदेशक श्री विश्वेश कनौजिया द्वारा किया जा रहा है।
इसी क्रम में कुशीनगर जनपद के बिशनपुर विकासखंड के ग्राम कोठिलवा में “गन्ने की उपज बढ़ाओ खुशहाली लाओ” विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गन्ना संस्थान के सहायक निदेशक ओम प्रकाश गुप्ता ने बताया कि गन्ने की अधिक उपज लेने के लिए गन्ने की अधिक उपज देने वाली प्रमुख प्रजातियां को.13235, को.लख.14201, 15466, को.0118, को.शा.9232, को.से.8452, आदि की बुवाई शरदकाल में ट्रेंच विधि से करें। गन्ने के साथ सहफसली खेती करें। गोष्ठी में उपस्थित किसान श्री विनोद कुशवाहा से प्रशिक्षण उपरांत उनके खेत पर जाकर गन्ने के साथ कद्दू की सहफसली खेती पर बातचीत किया। श्री कुशवाहा ने बताया कि मैने गन्ना संस्थान की गोष्ठी में ग्राम बेतिया खरसाल बबुईया में गन्ने के साथ कद्दू /कोहड़ा की खेती का फोटोग्राफ देखा जो मुझे अच्छा लगा।
एक एकड़ में गन्ना-कद्दू फरवरी माह में ट्रेंच विधि से गन्ना (को.लख.14201) बोया व कद्दू का 250 ग्राम बीज बोया, दो बार निराई किया, एक बार फफूँदीनाशक का प्रयोग किया। आज जो कद्दू आप देख रहे हैं एक कट्ठा में 6 से 7 कुंतल होगा एक एकड़ में लगभग 150 कुंतल होगा, 12 रुपए प्रति किलो बेच रहा हूं, सवा लाख से अधिक कर कद्दू चार माह में होगा।

गन्ना में आलू भी हुआ बोया था जिसे 25 रुपया प्रति किलो बेच रहा हूँ, गन्ना संस्थान की गोष्ठी के फोटोग्राफ ने मेरा भाग्य बदल दिया, मेरे बच्चे पढ़ रहे हैं, लड़की की शादी कर दिया हूँ, सहायक निदेशक के सुझाव पर प्याज, लहसुन, टमाटर गन्ने में बोउंगा।
ढाढ़ा चीनी मिल के गन्ना विकास अधिकारी श्री मनोज कुमार ने चीनी मिल की विकास योजनाओं तथा गन्ना सर्वेक्षण पर बताया। सहायक निदेशक ने खरपतवार नियंत्रण के लिए ट्राइजोम 450 ग्राम को 450 लीटर पानी में घोलकर एक छिड़काव करें, सिंचाई बाद मथमुड़िया कीटनियंत्रण के लिए कवर मात्रा 8 किलोग्राम प्रति एकड़ प्रयोग करें। कृषि विशेषज्ञ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव ने बताया हरी खाद का प्रयोग करें। इस समय हेलीप्रो मात्रा 150 मिलीग्राम 400 लीटर पानी में प्रति एकड़ घोलकर ड्रेन्चिग करें, नहीं लगेगा टॉपबोरर कीट।
गोष्ठी में उपस्थित प्रमुख किसान मुस्ताक अंसारी, अशोक यादव, मणिकांत गुप्ता, भूपेंद्र कुशवाहा, संजय गुप्ता, बृजेश कुशवाहा, लक्ष्मण गुप्ता, विनोद कुशवाहा।

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