
अधिक मास में भक्ति का रंग: विट्ठल मंदिर में काकड़ा आरती, भजन और पोथी वाचन में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
खंडवा। अधिक मास के पावन अवसर पर शहर का अति प्राचीन विट्ठल मंदिर इन दिनों श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। पूरे अधिक मास के दौरान मंदिर परिसर में प्रतिदिन धार्मिक आयोजनों का क्रम जारी है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं।
मंदिर में प्रतिदिन सुबह 5:30 बजे से ही भक्तों का आगमन शुरू हो जाता है। सुबह के शांत और भक्तिमय वातावरण में श्रद्धालु भगवान विट्ठल के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। सुबह 6:30 बजे आयोजित होने वाली काकड़ा आरती में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल होकर भगवान की आराधना कर रहे हैं। आरती के दौरान मंदिर परिसर में गूंजते भक्ति गीत और जयघोष माहौल को आध्यात्मिक बना देते हैं।
समाज सेवी सुनील जैन ने बताया कि काकड़ा आरती के पश्चात विट्ठल मंदिर महिला भजन मंडल द्वारा नियमित रूप से भजन-कीर्तन प्रस्तुत किए जा रहे हैं। महिला मंडल की भक्ति रस से सराबोर प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर रही हैं। भजन कार्यक्रम में भगवान विट्ठल, रुक्मिणी और संत परंपरा से जुड़े भजनों का गायन किया जा रहा है, जिससे मंदिर का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है। सुनील जैन ने बताया कि अधिक मास में प्रतिदिन पंडित श्याम आष्टेकर परिवार द्वारा आकर्षक श्रृंगार और धार्मिक ग्रंथों का पोथी वाचन किया जा रहा है। पोथी वाचन के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक जीवन के महत्व से अवगत कराया जा रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु नियमित रूप से इस आयोजन में शामिल होकर धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
मंदिर समिति के अनुसार अधिक मास के पूरे माह विभिन्न धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन जारी रहेगा। श्रद्धालुओं में भी इन आयोजनों को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। अधिक मास के इस विशेष पर्व पर विट्ठल मंदिर में उमड़ रही आस्था की यह तस्वीर शहर की धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को भी मजबूत कर रही है।












