
*सदभावना मंच में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर को किया नमन*
खंडवा। कवि और दार्शनिक गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार पाने वाले पहले गैर-यूरोपीय (एशिया के पहले) व्यक्ति बने। उन्होंने भारत का राष्ट्रगान जन गण मन और बांग्लादेश का आमार सोनार बांग्ला रचा। उन्हें ‘गुरुदेव’ के नाम से जाना जाता है वे एक महान कवि, चित्रकार, कलाकार और शिक्षाविद् थे। आज के दिन लोग उनके साहित्य, दर्शन और कला में योगदान को याद करते हैं। यह बात सदभावना मंच संस्थापक प्रमोद जैन ने रवींद्रनाथ टैगोर जयंती के मौके पर उपस्थित सदस्यों को कही। यह जानकारी देते हुए मंच के निर्मल मंगवानी ने बताया कि इस दौरान सद्भावना मंच संस्थापक प्रमोद जैन, पूर्व डीएसपी आनंद तोमर, डॉ. जगदीशचन्द्र चौरे, सुरेंद्र गीते, पं. कृष्ण कुमार व्यास, राधेश्याम शाक्य, निर्मल मंगवानी, कमल नागपाल, अनुप शर्मा, संतोष सोनी, सुभाष मीणा, अशोक पारवानी, नदीम रायल, कैलाश पटेल आदि सहित अनेक मंच सदस्यों ने गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।










